नालागढ़ विस क्षेत्र 13 साल बाद फिर से एक बार उपचुनाव की परीक्षा से गुजरेगा। यहां पर दो पुराने प्रत्याशियों केएल ठाकुर और बावा हरदीप सिंह के बीच चुनावी जंग के आसार दिख रहे हैं। हालांकि, तस्वीर अभी पूरी तरह से साफ नहीं। चुनाव आयोग ने यहां पर निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर के इस्तीफे के बाद उपचुनाव की घोषणा की है। केएल ठाकुर ने अपना 2022 का विस चुनाव निर्दलीय लड़ा था और 33,427 मत लेकर कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप बावा (20,163) को 13264 मतों से हराया था। भाजपा प्रत्याशी लखविंद्र राणा उस चुनाव में 17,273 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
2022 के आम चुनावों में कांग्रेस की ओर से हरदीप सिंह बावा कांग्रेस, लखविंद्र राणा भाजपा और केएल ठाकुर ने आजाद के तौर पर लड़ा था। अब केएल ठाकुर के भाजपा में आ जाने से यहां पर समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। वहीं कांग्रेस से टिकट की दौड में प्रदेश कांग्रेस महासचिव हरदीप सिंह बावा (पूर्व प्रत्याशी) के साथ-साथ संयुक्त आयुक्त आबकारी उज्जवल सिंह राणा भी शामिल हैं। उज्जवल का परिवार चार दशक से कांग्रेस से जुड़ा है और उनके पुत्र वर्तमान में युवा कांग्रेस सचिव हैं। वहीं पूर्व में भाजपा प्रत्याशी रहे लखविंद्र सिंह राणा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोल हैंं और वह अभी भाजपा में प्रदेश प्रवक्ता पद पर तैनात हैं।
क्या था 2011 का परिणाम
साल 2011 में हरिनारायण सिंह सैणी के निधन के बाद वहां उपचुनाव हुआ था और उस समय राज्य में भाजपा की सरकार थी। इसमें स्व. सैणी की धर्मपत्नी गुरनाम कौर ने चुनाव लड़ा था। कांग्रेस से लखविंद्र राणा मैदान में थे। करीबी मुकाबले में सत्तारूढ़ पार्टी की प्रत्याशी गुरनाम कौर लखविंद्र से 1599 मतों से मात खा गई थी।