मुख्यमंत्री ने दूसरे दिन जनसभाओं के बाद शाम को भाजपा नेताओं से चुनावी फीडबैक ली जिसमें उन्हें ओबीसी कार्ड की हवा ने डराया। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पहले दिन की सीएम की चुनावी जनसभा भीड़ और प्रबंधन के लिहाज से थोड़ी फीकी रही थी। इसलिए, दूसरे दिन इसकी भरपाई करने की पूरी कोशिश की गई।
दूसरे दिन टंग नरवाणा के पास और घणा की जनसभाओं में भीड़ जुटाकर ओबीसी वोट बैंक को प्रभावित करने की कोशिश की गई। दोनों ओबीसी बेल्ट में ओबीसी नेताओं को मैदान में उतारकर कांगड़ी धाम लगाई गई। हालांकि, घणा में तय समय से डेढ़ घंटे बाद भीड़ जुटी। इसलिए, 11 के बजाय 12:30 बजे सीएम की जनसभा शुरू हो पाई। इस जनसभा में देहरा सहित दूसरे विस क्षेत्रों से भी कुछ भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे थे।
सीएम दौरे में रूबरू संस्था को साधने की कोशिश
सूत्रों की मानें तो भाजपा ने मुख्यमंत्री दौरे के दौरान पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा की गैर राजनीतिक संस्था रूबरू से संपर्क करने की कोशिश की ताकि सियासी समीकरण अपने पक्ष में किए जा सकें। हालांकि, भाजपा को रूबरू संस्था से कोई आश्वासन नहीं मिला।
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धवाला ने गद्दी समुदाय पर सुनाया चुटकुला
घणा में जनसभा के दौरान ओबीसी वोट बैंक पर सेंध लगाने के लिए मैदान में उतारे गए ओबीसी नेता रमेश धवाला ने खूब चुटकुले सुनाए। एक चुटकुला उन्होंने गद्दी समुदाय पर भी सुनाया और किशन कपूर तथा विशाल नैहरिया से यह भी कहा कि नाराज मत होना। इस चुटकुले के बाद भाजपा प्रत्याशी थोड़े असहज दिखे।