धर्मशाला दो दशक बाद पहली बार मंत्री पद से महरूम रह सकता है। धर्मशाला को 1998 में मंत्री पद मिला था जो लगातार बरकरार रहा। अगर विशाल को मंत्री पद नहीं मिला तो दो दशक बाद पहली बार धर्मशाला के हाथ से मंत्री पद खिसक जाएगा।
मुकेश, राठौर, बाली की तिकड़ी का जोर धराशायी
धर्मशाला में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर और पूर्व मंत्री जीएस बाली की जोर आजमाइश भी धराशायी हो गई। विप्लव ठाकुर को उपचुनाव प्रभारी बनाने से कांग्रेस को संजीवनी नहीं मिल पाई। कांग्रेस को सुधीर शर्मा और प्रत्याशी विजय इंद्र कर्ण के पोलिंग बूथों पर ही लीड नहीं मिल पाई।
बिक्रम, सरवीण चमके, धवाला के सेक्टर में निर्दलीय को लीड
धर्मशाला उपचुनाव में जीत का जिम्मा जयराम ने सरवीण चौधरी, रमेश धवाला, बिक्रम ठाकुर और हंसराज पर सेक्टर इंचार्ज बनाकर डाला था। बिक्रम ठाकुर ने अपने सेक्टर में 3425, सरवीण चौधरी ने 3152, हंसराज ने 819 की लीड लेकर जयराम के कंधे मजबूत किए। वहीं, रमेश धवाला के सेक्टर में निर्दलीय उम्मीदवार राकेश को 3447 की लीड मिली।