इसके बाद आक्रोशित समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बैठक में समर्थकों ने कहा कि चुनाव लड़ने, जनसभा करने के लिए हमें पूछा जाता है, लेकिन चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय अकेले ही ले लिया।
कैसे चुनाव लड़ने से पहले हार मान ली? बंद कमरे में हुई इस बैठक में समर्थकों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली। समर्थकों ने यह तक कह दिया कि आप कितने में बिके ? कितने पैसे आपको चाहिए ? हमने पहले ही कहा था कि जितने पैसे लगेंगे हम लगाएंगे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि आशीष सिकटा ने संगठन की बात मानी है, वह परिवार में वापस आए हैं। इसलिए उनका स्वागत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी में अच्छा पद दिया जाएगा।