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Shimla News: कारोबारियों का विरोध दरकिनार, लागू होगा नया ट्रैफिक प्लान

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परिवहन विभाग ने शहर में सोमवार से नया ट्रैफिक प्लान सख्ती से लागू करने के लिए जिला प्रशासन को लिखा पत्र
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क्राॅसर

अभी तक चल रहा ट्रायल सफल रहने का दावा
पुराने बस अड्डे पर अब नहीं आएंगी बड़ी बसें


अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में यातायात जाम कम करने के लिए तैयार किया नया ट्रैफिक प्लान अब सख्ती से लागू करने की तैयारी है। इस बारे में परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन को पत्र भेज दिया है। कारोबारियों का विरोध दरकिनार कर अब सोमवार (27 अक्तूबर) से इसे स्थायी तौर पर लागू करने की तैयारी है।

नए ट्रैफिक प्लान के अनुसार शहर के पुराने बस अड्डे पर अब बड़ी बसों को एंट्री नहीं मिलेगी। 40 किलोमीटर दूर से आने वाले बसें भी अब शिमला शहर में प्रवेश नहीं कर पाएंगी। इन्हें आईएसबीटी-टुटीकंडी से होकर चलाया जाएगा। शहर के सर्कुलर रोड पर रोजाना लग रहे यातायात जाम को देखते हुए यह नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। परिवहन विभाग पिछले दस दिन से ट्रायल के तौर पर इसे संचालित कर रहा था। विभाग का दावा है कि ट्रायल के दौरान शहर के भीतर यातायात जाम कुछ कम हुआ है। इसलिए अब स्थायी तौर पर इसे लागू किया जा सकता है। इसे सख्ती से लागू करने के लिए विभाग ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। विभाग का कहना है कि पुलिस विभाग को भी इस बारे में निर्देश दिए जाने चाहिए ताकि शहर में बड़ी बसों की एंट्री न हो सके। एचआरटीसी को पहले ही इस बारे में निर्देश जारी किए जा चुके हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि सोमवार से नया ट्रैफिक प्लान लागू करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है।
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शहर के कारोबारी कर रहे हैं विरोध
राजधानी में नए ट्रैफिक प्लान का कारोबारी विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि इससे कारोबार पर असर पड़ेगा। शहर में ऊपरी शिमला के अलावा दाड़लाघाट, धामी, सुन्नी, चायल और पीरन आदि इलाकों से भी बसों की आवाजाही होती है। इन बसों में सैकड़ों लोग शिमला आते हैं और यहां लोअर बाजार में खरीदारी करते हैं। अब पुराने बस अड्डे में इन बसों की एंट्री न होने से लोग परेशान होंगे। इन्हें बस बदलकर टॉलैंड या क्रॉसिंग से शिमला आना पड़ेगा। इसके अलावा यहां से सामान ले जाना भी इनके लिए आसान नहीं होगा। शिमला व्यापार मंडल पहले भी इस मामले पर विरोध जता चुका है। व्यापार मंडल का कहना है कि यातायात जाम से राहत के लिए अन्य कदम भी उठाए जा सकते हैं। व्यापार मंडल जल्द इस मामले पर मुख्यमंत्री से मिलने की भी तैयारी कर रहा है।
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बड़ी बसों से लगता है जाम
शहर में बड़ी बसों की आवाजाही के कारण सर्कुलर रोड पर रोजाना जाम लगता है। हालांकि जाम लगने के कई अन्य कारण भी हैं। सड़क पर जगह-जगह अवैध पार्किंग होने से भी यातायात बाधित हो रहा है। बस स्टॉपेज पर सही तरीके से बसें न रुकने से भी जाम लग रहा है। कई बार बस ऑपरेटर स्टॉपेज पर इस तरह बस खड़ी कर देते हैं कि वाहनों की आवाजाही रुक जाती है।
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