हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के उपमंडल सरकाघाट क्षेत्र के चंदैश में कबाड़ का काम करने वाले लापता कारोबारी जगदीश चंद (36) निवासी रोपड़ी, डाकघर गहरा (सरकाघाट) का शव पुलिस ने बरामद कर लिया है। सरकाघाट से 45 किलोमीटर दूर मंडी और बल्ह थाना की सीमा पर जगदोहल नाले में कारोबारी का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला है। पुलिस को कारोबारी के लापता होने के करीब डेढ़ महीने बाद यह कामयाबी मिली है।
पुलिस के अनुसार आरोपी चंदैश निवासी दोस्त बालम राम (25) ने जगदीश को मौत के घाट उतारा। गाड़ी में शव ले जाकर जगदोहल नाले में पत्थरों के बीच छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कत्ल और अपहरण की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। पोस्टमार्टम के लिए शव मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेज दिया गया है।
दीवार पर सिर पटक कर उतारा मौत के घाट
पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या 3 अक्तूबर को की गई। बताया जा रहा है कि पैसे के लेनदेन या कुछ और बातों को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ। घटना के समय जगदीश चंद निवासी रोपड़ी, डाकघर गेहरा तहसील सरकाघाट मंडी (मृतक) और आरोपी बालम शराब पी रहे थे। दोनों में झगड़ा बढ़ गया और हाथापाई शुरू हुई। बालम ने जगदीश के सिर को दीवार से कई दफा पटका और मौके पर ही जगदीश की मौत हो गई। रात के अंधेरे में आरोपी ने शव को गाड़ी में डाला और खुद गाड़ी चलाकर जगदोहल नाले तक पहुंचाया। आरोपी ने जगदीश के शव को पत्थरों के नीचे छिपा दिया।
पुलिस ने सख्ती की तो बालम ने उगला सच
3 अक्तूबर के बाद जगदीश घर नहीं पहुंचा। उसका फोन भी स्विच ऑफ रहा तो परिजनों को चिंता हुई। 14 अक्तूबर को उसकी पत्नी कृष्णा देवी गांव रोपड़ी ने सरकाघाट थाने में पति की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवा दी। पति का कोई सुराग नहीं मिलने पर कृष्णा ने एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच की मांग भी की थी। पुलिस ने बालम राम से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।