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मेयर और डिप्टी मेयर से उलझे कारोबारी, जानिए क्या है वजह

Tue, 21 Nov 2017 01:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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निरीक्षण के लिए लोअर बाजार पहुंचीं नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट और डिप्टी मेयर राकेश कुमार शर्मा के सामने ही कुछ दुकानदार निगम कर्मियों से उलझ गए। मेयर ने सब्जी मंडी के पास कपड़ों की दुकान चलाने वाले एक कारोबारी पर मारपीट और गालीगलौज का आरोप लगाया है। 



मेयर ने कर्मियों को संबंधित दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक मेयर और डिप्टी मेयर सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे लाव लशकर के साथ लोअर बाजार में निरीक्षण करने पहुंचे। 
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इस दौरान जिन दुकानदारों ने दुकान के बाहर नालियों के ऊपर दुकानें सजा रखी थीं, उन्हें अपना सामान समेट कर भीतर रखने को लेकर चेताया गया। लोअर बाजार में अवैध अतिक्रमण कर बैठे तहबाजारियों को भी नगर निगम की टीम ने खदेड़ा। 

नगर निगम ने सोमवार को लोअर बाजार से करीब 18 तहबाजारियों का सामान भी जब्त किया। इनमें कुछ ऐसे तहबाजारियों का भी सामान जब्त किया गया जो नगर निगम के पास पंजीकृत हैं और दो-दो पीढ़ियों से लोअर बाजार में तहबाजारी कर रहे हैं। 

नगर निगम के तहबाजारी इंस्पेक्टर ओपी ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एक कपड़ा कारोबारी ने ऑन ड्यूटी नगर निगम के कर्मी के साथ न सिर्फ दुर्व्यवहार किया बल्कि हाथापाई भी की। इस दुकानदार की पहले भी कई शिकायतें नगर निगम को मिल चुकी हैं।
 

आज हाथ जोड़ कर बोला, कल से जब्त होगा सामान : कुसुम
नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि तहबाजारियों और दुकानदारों से हाथ जोड़ कर नियमों के दायरे में रहने की अपील की गई है, किसी को धमकाया नहीं गया। अब जो नहीं मानेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और सामान भी जब्त किया जाएगा। मेयर ने बताया कि औचक निरीक्षण के लिए लोअर बाजार गए थे। बावजूद इसके पार्षद इंद्रजीत सिंह को सूचना दे दी गई थी। ढाई घंटे हम बाजार में रहे लेकिन घर पर होने के बावजूद इंद्रजीत जानबूझ कर निरीक्षण में शामिल नहीं हुए।
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दुकानदारों को नहीं बनने देंगे सॉफ्ट टारगेट : इंद्रजीत

नगर निगम के लोअर बाजार वार्ड से पार्षद और व्यापार मंडल शिमला के प्रधान इंद्रजीत सिंह का कहना है कि दुकानदार और तहबाजारी कार्रवाई के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गए हैं। सभी को रोजगार का हक है। नगर निगम अपनी नालायकी छुपाना चाहता है।

पंजीकृत तहबाजारियों को वेंडिंग जोन में बसाया नहीं गया और उससे पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानबूझ कर लोअर बाजार को टारगेट किया जा रहा है। दुकानदारों और तहबाजारियों को बेवजह परेशान किया गया तो चुप नहीं बैठेंगे।

इंद्रजीत सिंह का कहना था कि उनके वार्ड में निरीक्षण से एक दिन पहले उन्हें सूचित किया जाना चाहिए था लेकिन जानबूझ कर निरीक्षण से 15 मिनट पहले उन्हें सूचना दी गई। नगर निगम की कार्रवाई के बाद लोअर बाजार के दुकानदार और तहबाजारी इंद्रजीत के पास पहुंचे और नगर निगम की मनमानी की शिकायत की।

स्थान चिन्हित, लेकिन नहीं हुआ आवंटन
राजधानी शिमला में तहबाजारियों को बसाने के लिए ‘आजीविका संरक्षण एवं रेहड़ी फड़ी अधिनियम-2014 के तहत स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी’ लागू नहीं हो पाई है। नगर निगम ने 700 तहबाजारियों को बसाने के लिए स्थान तो चिन्हित किए हैं लेकिन अभी तक आवंटन नहीं हो पाया है। नगर निगम तहबाजारियों के डिजिटल आई कार्ड बनाने के भी दावे करता रहा है, लेकिन अभी तक इसकी भी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
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