शिमला। भारी बारिश के कारण राजधानी शिमला सहित जिले भर में बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। राजधानी शिमला सहित आसपास के इलाकों में सड़कें बंद होने से एचआरटीसी की 157 बसें रूटों में फंसी हुई हैं। शिमला डिविजन में बसें फंसने का आंकड़ा 200 से अधिक है।
शिमला-चंडीगढ़ हाईवे पर बसों की आवाजाही दोपहर 12 बजे के बाद शुरू हो पाई। राजधानी से ऊपरी शिमला के लिए बस सेवा 11 बजे के बाद बहाल हुई। बसें शिमला न पहुंचने के कारण सोमवार को भी बस सेवा प्रभावित रहने की संभावना है।
राजधानी शिमला में सर्कुलर रोड पर रविवार सुबह नौ बजे के बाद बस सेवा शुरू हो पाई। सबसे पहले शहर में एचआरटीसी बसें रूटों पर चलीं। प्राइवेट बसें दस बजे के बाद शुरू हुई। ठियोग और कोटखाई में लोकल रूटों पर बसें फंसी हुई हैं। चौपाल में बस सेवा पूरी तरह बंद है। रविवार सुबह पुड़ग और धमांदरी बस ही शिमला पहुंच पाई। ठियोग-खड़ापत्थर-हाटकोटी सड़क निहारी के पास बंद हो गई है, जिसके कारण रोहड़ूू और जुब्बल का शिमला से संपर्क कट गया है। शिमला-मनाली हाइवे टूटु के पास बंद रहा। दोपहर बाद करीब एक बजे इस सड़क पर वन वे वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। जाम में टूरिस्ट वाहन भी फंसे रहे। शिमला-मशोबरा-देवीधार सड़क पर दोपहर बाद करीब तीन बजे बसों की आवाजाही शुरू हो पाई।
सड़कें बंद होने से फंसीं 200 से अधिक बसें
बारिश के कारण बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। सड़कें बंद होने के कारण निगम की करीब 200 बसें विभिन्न रूटों पर फंसी हुई हैं।
- रघुवीर ठाकुर, मंडलीय प्रबंधक, शिमला।
शिमला लोकल के यह रूट प्रभावित
गड़काहन, शाहतलाई, कशलोग, सौंथल, सेंव, घैणी, गुम्मा, धर्मपुल-नाल, जुन्गा, डुब्बलू, साधू पुल, पीरन, डवारू, घणाहट्टी रूट पर जनिया खटियाना, नया सेर, कड़ेची, पिपलीधार, बजोवल, चमयावड़, पलोग, चनावग, बशोग, ज्वालाजी, टापरी, मनाली, गवाही, सरार, वाया धामी और वाया देवनगर टूटु, वाया साधू पुल मैहली रूटों पर बस सेवा ठप है।