कारोबारी बाले, इससे प्रभावित होगा आभूषण कारोबार, हजारों लोग जुड़े
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है सर्राफा कारोबार से
रेट बढ़ने से पहले से कम है सोने का कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो शिमला। हिमाचल प्रदेश ज्वेलर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री मोदी की सोने की गैर जरूरी खरीद से बचने के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल टांगरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह अपील आभूषण के कारोबार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में दो हजार से अधिक सर्राफा कारोबारी हैं। इनसे औसतन दस लोग सीधे जुड़े होते हैं। 20 से 25 हजार लोग इसी कारोबार से रोटी कमा कर अपने परिवार पाल रहे हैं। इनके परिवार के तीन से चार सदस्यों को भी जोड़ें तो करीब 75 हजार से अधिक लोग सोने की खरीद कम होने से प्रभावित होंगे। एक जिम्मेदार नेतृत्व की अपील से कारोबार और बिक्री पर असर पड़ सकता है। सोने के आभूषण केवल विलासिता की वस्तु नहीं हैं यह समाज में संस्कृति, भावनाओं, बचत, सामाजिक परंपराओं और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है। आभूषण क्षेत्र कारीगरों, शिल्पकारों, छोटे व्यापारियों, डिजाइनरों, निर्माताओं और इस व्यापार से जुड़े हजारों श्रमिकों को आजीविका प्रदान करता है। शिमला ज्वेलर्स एसोसिएशन देशभर के ज्वेलर्स, कारीगरों और व्यापारियों के साथ एकजुट होकर खड़ा है।
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वर्ष 2022 से पटरी पर नहीं लौटा कारोबार
वर्ष 2022 से आभूषण कारोबार पटरी पर नहीं आ रहा है। सोने के दाम 1 लाख 45 हजार से अधिक पहुंचने पर पहले से कारोबार मुश्किल दौर में है। अब प्रधानमंत्री की गैर जरूरी स्वर्ण आभूषणों की खरीद एक साल तक न करने की अपील से कारोबार पर असर डालेगी। प्रधानमंत्री को इस तरह की अपील जारी करने से पूर्व कारोबार से जुड़े करोड़ों परिवारों के बारे में सोचना चाहिए था।
मुश्किल दौर से गुजर रहा है सर्राफा कारोबार
सर्राफा कारोबार पहले से मुश्किल दौर से गुजर रहा है, इस पर पीएम की इस अपील का असर कारोबार को और प्रभावित करेगा। सरकारों की ओर से इस कारोबार को पटरी पर लाने के लिए कोई कारगर पहल नहीं की गई। अब यह अपील कारोबार को कम कर सकती है, आभूषण खरीद को लेकर आम लोगों को हतोत्साहित कर सकती है।
-लक्ष्य वर्मा, अंतर राम ज्वेलर्स