आधुनिक लैब में होगी एपीआई की जटिल जांच
एडवांस्ड लेबोरेटरी सेंटर में एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स यानी एपीआई की जटिल जांच और गुणवत्ता परीक्षण की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी से जुड़े अध्ययन और परीक्षण भी किए जा सकेंगे। दवाओं और कच्चे माल की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे पार्क में स्थापित होने वाली फार्मा कंपनियों को परीक्षण के लिए दूसरे राज्यों या निजी प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा और पर्यावरण ऑडिट की भी सुविधा
पार्क में औद्योगिक सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े ऑडिट की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। रासायनिक और औषधि उद्योगों में उत्पादन के दौरान सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक परीक्षण और निगरानी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साझा अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ छोटी और मध्यम फार्मा इकाइयों को भी मिलने की उम्मीद है। इससे उनकी परीक्षण लागत कम हो सकती है और एक ही परिसर में शोध तथा गुणवत्ता परीक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी।
35 हजार रोजगार और रिसर्च हब की दिशा में कदम
बल्क ड्रग पार्क के विकसित होने के साथ रोजगार, दवा उत्पादन, शोध और तकनीकी नवाचार को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। करीब 35 हजार रोजगार का लक्ष्य और आधुनिक रिसर्च सुविधाएं इसे हिमाचल के प्रमुख औद्योगिक प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित कर सकती हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और पहले चरण में दिसंबर से उत्पादन शुरू करने की योजना है।