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बल्क ड्रग पार्क: पहले चरण में 12 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार; फार्मा रिसर्च का बनेगा हब; होगी एपीआई की जांच

Mon, 31 Aug 2026 10:46 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Bulk Drug Park: ऊना के हरोली में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क हिमाचल के युवाओं के लिए रोजगार और फार्मा रिसर्च दोनों का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। दिसंबर से पहले चरण का उत्पादन शुरू करने की तैयारी है और करीब 12 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। पार्क के पूर्ण विकास पर 35 हजार रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आधुनिक लैब में एपीआई टेस्टिंग, माइक्रोबायोलॉजी और गुणवत्ता जांच की सुविधा होगी। पढ़ें पूरी खबर...
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बल्क ड्रग पार्क ऊना। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऊना के हरोली में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क हिमाचल के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने के साथ फार्मा रिसर्च और अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाओं का केंद्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है। पार्क में दिसंबर से पहले चरण का उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। इसी के साथ करीब 12 हजार युवाओं को रोजगार देने की योजना है। पार्क के पूरी तरह विकसित होने पर करीब 35 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने का लक्ष्य रखा गया है।

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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के अनुसार पार्क में उपलब्ध कुल रोजगार में करीब 70 फीसदी अवसर हिमाचल के लोगों को देने का प्रावधान रखा गया है। इससे ऊना के साथ प्रदेश के अन्य जिलों के युवाओं को भी रोजगार मिलने की उम्मीद है।

ट्रेड के अनुसार मांगे जाएंगे युवाओं के आवेदन
पार्क में निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही अलग-अलग ट्रेड के लिए युवाओं से आवेदन मांगे जाएंगे। उद्योग और रोजगार विभाग के माध्यम से रोजगार कार्यालयों से युवाओं के आवेदन लिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी प्रशिक्षण और संबंधित ट्रेड में दक्षता के आधार पर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।
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आईटीआई और अन्य तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए निर्माण कार्यों में रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। बाद में पार्क में फार्मा इकाइयों का संचालन शुरू होने पर तकनीकी और कुशल कर्मचारियों की मांग और बढ़ सकती है।

उत्पादन के साथ रिसर्च पर भी रहेगा फोकस
बल्क ड्रग पार्क को केवल दवा उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय फार्मा अनुसंधान और परीक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है। पार्क में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एडवांस्ड लेबोरेटरी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नई तकनीकों के विकास, फार्मा अनुसंधान और औद्योगिक इकाइयों को तकनीकी सहयोग देने पर जोर रहेगा। आधुनिक दवा निर्माण तकनीक, गुणवत्ता सुधार और नए उत्पादों के विकास से जुड़े शोध को बढ़ावा देने की योजना है।

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आधुनिक लैब में होगी एपीआई की जटिल जांच
एडवांस्ड लेबोरेटरी सेंटर में एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स यानी एपीआई की जटिल जांच और गुणवत्ता परीक्षण की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी से जुड़े अध्ययन और परीक्षण भी किए जा सकेंगे। दवाओं और कच्चे माल की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे पार्क में स्थापित होने वाली फार्मा कंपनियों को परीक्षण के लिए दूसरे राज्यों या निजी प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

सुरक्षा और पर्यावरण ऑडिट की भी सुविधा
पार्क में औद्योगिक सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े ऑडिट की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। रासायनिक और औषधि उद्योगों में उत्पादन के दौरान सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक परीक्षण और निगरानी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साझा अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ छोटी और मध्यम फार्मा इकाइयों को भी मिलने की उम्मीद है। इससे उनकी परीक्षण लागत कम हो सकती है और एक ही परिसर में शोध तथा गुणवत्ता परीक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी।

35 हजार रोजगार और रिसर्च हब की दिशा में कदम
बल्क ड्रग पार्क के विकसित होने के साथ रोजगार, दवा उत्पादन, शोध और तकनीकी नवाचार को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। करीब 35 हजार रोजगार का लक्ष्य और आधुनिक रिसर्च सुविधाएं इसे हिमाचल के प्रमुख औद्योगिक प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित कर सकती हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और पहले चरण में दिसंबर से उत्पादन शुरू करने की योजना है।
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