हिमाचल में पहले जिन लोगों के नक्शे पास नहीं है और भवनों का निर्माण नियमों के तहत हुआ है, उन्हें भवन नियमित कराना की दोगुनी फीस थी, वहीं जिन लोगों ने 10 फीसदी तक डेबिएशन की है, उन्हें यह शुल्क तीन गुणा निर्धारित की गई। अब 4 और 6 गुणा शुल्क बढ़ाई गई है।
हिमाचल में 30 हजार अवैध भवन
हिमाचल में इस समय अवैध भवनों की संख्या 30 हजार है, लेकिन विभाग और निकायों के पास 8 के करीब लोगों ने भवन नियमित करने के लिए आवेदन किया है। सरकार अवैध भवनों को नियमित करने की जगह पंचायतों को टीसीपी से बाहर करने पर विचार कर रही है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एरिया में अगर किसी व्यक्ति को नक्शा पास करना होता है तो उसे पहले जमीन (प्लाट) का ततीमा, जमाबंदी और निजी प्लानरों से नक्शे की 6 कापियां विभाग में जमा करानी होती है। इसके बाद टीसीपी की जेई मौके पर आता है और विभाग में दिए गए दस्तावेजों की जांच पड़ताल करता है। अगर दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो नक्शा पास करने के लिए फाइल चलाई जाती है। इसी बीच लोगों से वन, बिजली बोर्ड और आईपीएच से एनओसी लिए जाते हैं।
6 सितंबर को होगी बैठक
टीसीपी से पंचायतों और क्षेत्रों को बाहर करने के लिए कैबिनेट सब कमेटी की बैठक 6 सितंबर को होनी तय हुई है। क8मेटी के चेयरमैन महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। इसमें शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर के अलावा विभाग के अफसर मौजूद होंगे।