स्थानीय निवासी विनोद कुमार, जमीला, शमशेर अली, बशीर अली, सुल्तान और मशहूर दीन ने बताया कि अग्निकांड से पशुपालक गुज्जर कासम अली को लाखों की क्षति हुई है। पीड़ित परिवार ने अग्निकांड के पीछे किसी शरारती तत्व के हाथ की भी आशंका जताई है।
गुज्जर कॉलोनी में पशुपालक कासम अली के पास करीब दो दर्जन मवेशी हैं। आग लगने के बाद गोशाला में रस्सी से बंधे मवेशी इधर-उधर भाग कर बच गए। अग्निशमन केंद्र पांवटा अधिकारी प्रेम चौधरी ने बताया कि सूचना मिलते ही दो टीमें लेकर वह मौके पर पहुंचे।
कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी से काबू पा लिया है। उन्होंने बताया कि आग को रिहायशी मकानों और जंगल की तरफ फैलने से रोका गया। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।
तहसीलदार पांवटा वेद प्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रभावित परिवार को मौके पर ही 50 हजार रुपये फौरी सहायता राशि प्रदान की गई है। स्थानीय पटवारी और कानूनगो क्षति रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। सिंघपुरा पुलिस चौकी टीम मामले की जांच में जुट गई है।