हिमाचल प्रदेश फल और सब्जी उत्पादन संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान और हिमाचल किसान संघर्ष समिति के महासचिव संजय चौहान।
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केंद्रीय बजट 2021 से हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों को फ्रूट सप्लाई चेन मजबूत होने के साथ विदेशी फलों के आयात पर शत-प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की उम्मीद है। किसान सम्मान निधि की राशि भी बढ़कर दस हजार होने की उम्मीद है। किसानों-बागवानों के एक धड़े को आस है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को भी वापस लेगी।
हिमाचल प्रदेश फल और सब्जी उत्पादन संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि केंद्रीय बजट से प्रदेश के किसानों और बागवानों को काफी उम्मीदें हैं। केंद्र सरकार इस बार बागवानों की फसलों को अच्छे दाम दिलाने के लिए फ्रूट सप्लाई चेन, कोल्ड स्टोरों के निर्माण के लिए वित्तीय प्रावधान करेगी। इससे फसलों को खराब होने से बचाया जा सकेगा। साथ ही फसल के बाजार में अच्छे दाम भी मिल सकेंगे।
कहा कि बागवानों और किसानों के लिए प्रदेश के बड़े मार्केट यार्ड तैयार करने को भी वित्तीय प्रावधान होगा। किसानों के लिए सम्मान निधि भी छह हजार से बढ़ाकर दस हजार होने की उम्मीद है। फलों का आयात शुल्क बढ़ाकर शत-प्रतिशत करने की आशा है। हिमाचल किसान संघर्ष समिति के महासचिव संजय चौहान ने कहा कि किसानों और बागवानों का भला तभी होगा, जब केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेगी।