रोहतांग टनल का शिलान्यास यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जून 2010 में किया था। 1400 करोड़ की प्रस्तावित लागत के साथ टनल को जुलाई 2014 में पूरा किया जाना था। पानी के रिसाव से काम रोकना पड़ा। निर्माण पूरा करने की दूसरी अवधि जून 2018 तय की गई।
भौगोलिक चुनौतियों के चलते टनल निर्माण के लिए फिर जून 2019 का समय निर्धारित किया गया। केंद्र की प्राथमिकता बनी टनल का निर्माण अब निर्धारित समय से पहले पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। इसकी लागत भी 1400 करोड़ से बढ़कर 4 हजार करोड़ तक होने का अनुमान है।
इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगी टनल : मारकंडा
कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बजट में टनल का जिक्र होने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि टनल जनजातीय क्षेत्र के लोगों के लिए लाइफलाइन साबित होगी जबकि इसका सामरिक महत्व भी है। टनल खुलने से जनजातीय इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ेगा।