हालांकि बीच रास्ते में बर्फबारी को देख कर वाहन में सवार कुछ बौद्ध भिक्षुओं की हिम्मत टूटने लगी थी। वाहन में सवार नेपाल के बौद्ध भिक्षु मिग्मर के मुताबिक सरचू से जिस्पा तक 80 किमी का सफर खौफ के साये में पूरा हुआ।
उन्हें इस बात का बेहद अफसोस है कि उनके 60 अन्य साथी अभी भी बर्फ के बीच भरतपुर में फंसे हैं। चालक वांगचुग ने बताया कि उसे इस सड़क पर चलने का 15 सालों का अनुभव है।
उन्हें पता था कि बर्फबारी के बीच रास्ते में रुकना जानलेवा साबित हो सकता है। लिहाजा, उन्होंने जोखिम उठा कर बेहद कम विजिबिलिटी के बावजूद वाहन को अधिकतम गति से दौड़ाया।
बताया कि शाम 6 बजे वह जिस्पा पहुंचे। तब तक सड़क पर 2 फुट से अधिक बर्फ जम चुकी थी। फिलहाल यह 13 भूटानी और नेपाली बौद्ध भिक्षु भरतपुर में फंसे हैं। अन्य साथियों के रेस्क्यू होने का इंतजार कर रहे हैं।