फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: बीएसएफ डीआईजी सुरजीत गुलेरिया को तीसरी बार राष्ट्रपति पुलिस पदक

Thu, 28 Jan 2021 10:43 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
डीआईजी सुरजीत सिंह गुलेरिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर मुख्यालय कोलकाता के डीआईजी सुरजीत सिंह गुलेरिया को 72वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति पुलिस मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया। यह तीसरी बार है जब गुलेरिया को असाधारण व विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल मिला है। मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा तहसील के खैरियां गांव के रहने वाले गुलेरिया को इससे पहले उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए 2008 में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियल सर्विस और 2016 में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल फॉर डिस्टिंग्विश सर्विस मिल चुके हैं। उन्हें प्रशिक्षण, ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन में बेहतरीन कार्यों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से कई प्रशस्ति पत्र भी मिल चुके हैं।

विज्ञापन


गुलेरिया ने 1987 में बीएसएफ में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट ज्वाइन किया था। उन्होंने बीएसएफ में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर में उन्होंने ड्यूटी की है। पंजाब, राजस्थान और बंगाल सीमा पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गुलेरिया ने बंगाल बॉर्डर पर पशु तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुलेरिया संयुक्त राष्ट्र (युनाइटेड नेशन) की पुलिस में भी कोसबो में डेपुटेशन पर एक साल की सेवा दे चुके हैं। गुलेरिया को एनडीआरएफ की कोलकाता बटालियन और पटना बटालियन को स्थापित करने का भी श्रेय प्राप्त है। उन्होंने विभिन्न आपदाओं में एनडीआरएफ की तरफ से हिस्सा लिया है।

2017 में जैश के आतंकियों से लिया था लोहा
23 अक्तूबर 2017 को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों ने श्रीनगर एयरपोर्ट के पास गोगोलैंड स्थित बीएसएफ कैंपस पर रात 3.45 बजे फिदायीन हमला कर दिया था। आतंकियों ने कैंपस की दीवार फांद कर एडमिन ब्लॉक, अधीनस्थ अधिकारी मेस और अधिकारी मेस में घुसने का प्रयास किया। आतंकी एडमिन ब्लॉक व अधीनस्थ अधिकारी मेस में घुसने में कामयाब हो गए थे। एक आतंकी ड्यूटी पर तैनात सीमा प्रहरी की गोलियों का शिकार हो गया था। आतंकियों ने रात को ग्रेनेड और गोलियों से कैंपस में अंधाधुंध फायरिंग की। आतंकियों के हमले को जवाब देने के लिए उस समय कश्मीर फ्रंटियर में डीआईजी (जी) सुरजीत सिंह गुलेरिया ने डीआईजी हरिलाल के साथ मिलकर जवानों के साथ कैंपस में मौजूद आतंकियों से लोहा लेते हुए उन्हें मार गिराया था। इस ऑपरेशन में एक अधीनस्थ अधिकारी शहीद हो गए थे, जबकि दो जवान घायल हुए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

गांव में हुई थी प्रारंभिक शिक्षा, बेस्ट एथलीट भी रहे

सुरजीत सिंह गुलेरिया ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल खैरिया और हरिपुर में प्राप्त करने के बाद डीएवी कॉलेज कांगड़ा से बीएससी और गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला से बीएड की शिक्षा प्राप्त की।

उन्होंने बीएसएफ में सेवा देते हुए एमबीए (आपदा प्रबंधन) की डिग्री भी हासिल की। कॉलेज टाइम में गुलेरिया अपने कॉलेज (डीएवी, कांगड़ा) के बेस्ट एथलीट भी रहे हैं। इसके अलावा शॉटपुट और डिस्कस थ्रो में वह हिमाचल यूनिवर्सिटी, शिमला के तीन साल तक चैंपियन रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें