बर्फ से लकदक रोहतांग दर्रे को बहाल करने के लिए बीआरओ ने तैयारी शुरू कर ली है। पहली बार बीआरओ मार्च के बजाय फरवरी में ही मनाली-लेह मार्ग से बर्फ हटाना शुरू कर देगा। मनाली के गुलाबा से बीआरओ 20 फरवरी से पूजा-अर्चना के बाद मशीनों को मार्ग खोलने में लगा देगा। बता दें कि 15 नवंबर के बाद से रोहतांग दर्रा आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया जाता है।
हिमाचल के दुर्गम क्षेत्र लाहौल घाटी को बर्फ की कैद से बाहर निकालने के लिए सीमा सड़क संगठन ने कमर कस ली है। लाहौल में सभी मुख्य संपर्क सड़कों की बहाली के बाद अब बीआरओ का लक्ष्य रोहतांग दर्रे की बहाली का है। ऐसे में रोहतांग दर्रा अप्रैल में खुलने की आस जग गई है।
गत वर्ष सीमा संगठन ने 18 मई को रोहतांग दर्रे को बहाल किया था। इस बार संगठन के जवानों को गुलाबा से गुफा होटल तक करीब 54 किलोमीटर सड़क से बर्फ हटानी पड़ेगी। हालांकि, इस मुहिम से जंग लड़ना आसान काम नहीं है। रोहतांग में 15 से 20 फीट तक बर्फ की दीवारों को काटना चुनौतीपूर्ण रहता है।
इससे पूर्व स्तींगरी से गुफा होटल तक, छुरपक स्थित पेट्रोल पंप से आगे दालंग तक बीआरओ के जवानों को जगह-जगह सड़कों में गिरे हिमखंड को हटाने में काफी वक्त लग जाता था। लाहौल के अंदरूनी मार्गों को आवाजाही के लिए बहाल कर बीआरओ ने बड़ी राहत दी है। अब संगठन का लक्ष्य रोहतांग दर्रे की जल्द बहाली का है। बीआरओ ने लाहौल घाटी के केलांग-दारचा, केलांग-सिस्सू, केलांग से उदयपुर होते हुए लाहौल को जम्मू सड़क से भी जोड़ रखा है। इस बीच छोटे वाहनों की आवाजाही से घाटी के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
गौर रहे कि आमतौर पर रोहतांग दर्रे की बहाली का कार्य एक मार्च से ही आरंभ किया जाता था, लेकिन इस बार बीआरओ जल्द रोहतांग बहाली का कार्य शुरू करने जा रहा है। 38 बीआरटीएफ के कमांडर उमा शंकर ने कहा कि बुधवार या वीरवार को गुलाबा में पूजा-अर्चना के साथ रोहतांग दर्रे की बहाली का कार्य आरंभ किया जाएगा। कमांडर ने कहा कि मौसम ने साथ दिया तो इस बार रोहतांग दर्रे को अप्रैल माह में यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।