चंद्रा नदी पर बना गुफा होटल पुल सोमवार देर शाम भारी भरकम टिप्पर का वजन न सह पाने से ढह गया।
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हिमाचल के लाहौल घाटी के चंद्रा नदी पर बना गुफा होटल पुल सोमवार देर शाम भारी भरकम टिप्पर का वजन न सह पाने से ढह गया। दो लोगों समेत टिप्पर चंद्रा नदी में समा गया। हालांकि, दोनों सुरक्षित बचा लिए गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई।
पुलिस के अनुसार सोमवार सोमवार शाम सात बजे एक निर्माण सामग्री से लदा टिप्पर रोहतांग टनल की तरफ जा रहा था। बीच में पहुंचते ही पुल टिप्पर का वजन नहीं सह पाया और पुल ढह गया। टिप्पर समेत चालक, परिचालक नदी में जा गिरे। बताया जा रहा है कि टिप्पर रेत-बजरी से ऊपरी तक लदा हुआ था।
चंद्रा नदी पर बना गुफा होटल पुल रोहतांग टनल के नॉर्थ पोर्टल को मनाली-लेह हाईवे से जोड़ता है। इस पुल से रोहतांग टनल के लिए निर्माण सामग्री ले जाई जाती है। इस कारण अब रोहतांग टनल का काम भी प्रभावित हो सकता है। रोजाना इसी पुल से दर्जनों ट्रैक्टर, टिप्पर खुदाई का मलबा व सामान लेकर आवाजाही करते हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में लाहौल घाटी में मूलिंग पुल भी ढह चुका है, जोकि काफी चर्चा में रहा है। डीएसपी केलांग संजय शर्मा ने बताया कि सोमवार करीब सात बजे गुफा होटल पुल के टूटने की सूचना मिली है। चौकी प्रभारी को मौके पर भेजा गया है। हादसे में टिप्पर सवार सुरक्षित हैं। टिप्पर किसका है, ओवरलोड था, छानबीन की जा रही है।
पांच घंटे सतुलज में फंसे रहे दो युवक, रेस्क्यू कर बचाया
बचाए गए युवकों के साथ रेस्क्यू टीमें
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वहीं, ज्यूरी के पास पांच घंटे तक सतलुज नदी में फंसे दो युवकों को झाकड़ी पुलिस, अग्निशमन विभाग और रेस्कयू टीम ने मुश्किल से बचा लिया। सोमवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे 15/20 के मोलगी गांव के रविंद्र (31) पुत्र रोशन लाल और विजय (24) पुत्र मस्त राम किन्नौरी टोपी में लगने वाले फूल लेने के लिए ज्यूरी और रतनपुर के बीच में सतलुज नदी को पार कर रहे थे।
जब युवक नदी पार कर रहे थे तो पानी बहुत कम था। जैसे ही वे बीच में पहुंचे तो पानी का स्तर अधिक बढ़ गया। ऐसे में वे मुश्किल से चट्टान पर चढ़ गए और मोबाइल से परिजनों को सूचित किया। इस बारे में झाकड़ी थाने को भी सूचित किया गया। बताया जा रहा है कि बरसात के कारण नदी का जल स्तर बढ़ गया था।
सूचना मिलते ही एसएचओ झाकड़ी कुलवंत, एएसआई शेर सिंह नेगी, एचएचसी इंद्र सिंह, राजेश मेहता और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को रतनपुर के स्थानीय युवक जोगिंद्र सिंह ने उनको झाड़ियों के बीच से गहरी खाई से होकर सतलुज नदी तक पहुंचाया। इसके बाद सीआईएसएफ झाकड़ी से इंस्पेक्टर वीपी सिंह, कांस्टेबल प्रमोद कुमार, एमडी सुरेश, प्रमोद कुमार रस्सा और लाइफ जैकेट लेकर मौके पर पहुंचे।
रामपुर अग्निशमन विभाग के प्रभारी रोशन लाल, हरि राम, महेश नेगी, आशिक कुमार, मोहन लाल, राम भगत, पंकज और जोगिंद्र भी मौके पर पहुंचे। एसएचओ झाकड़ी कुलवंत के साथ सीआईएसएफ पुलिस और अग्निशमन विभाग के जवान नदी में युवकों को बचाने के लिए उतरे और दोनों युवकों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला।