हिमाचल के जिला मंडी के ज्वालापुर से कुल्लू जा रही एक ओवरलोड निजी बस सोमवार सुबह रेड़ूधार के पास अनियंत्रित होकर 100 फीट खाई में गिर गई। 42 सीटर बस में 74 सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरी हुई थीं। हादसे में चालक-परिचालक समेत सभी यात्री घायल हो गए हैं।
71 घायलों को जिला अस्पताल कुल्लू में भर्ती कराया गया है जिनमें चार की हालत गंभीर बनी हुई है। एक को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। तीन घायलों का कुल्लू के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। घायलों में अधिकतर ज्वालापुर और नाऊ पनाऊ के स्कूली बच्चे, कर्मचारी और स्थानीय लोग हैं।
चीड़ के पेड़ों से अटकी बस
बस सड़क से अनियंत्रित होकर खाई में लुढ़क गई और एक पलटा खाने के बाद चीड़ के पेड़ों से अटक गई। अगर चीड़ के पेड़ नहीं होते तो कई यात्रियों की जानें चली जातीं। पुलिस ने चालक पर ओवरलोडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे निजी बस (एचपी66-1619) ज्वालापुर से कुल्लू के लिए रवाना हुई। सुबह के समय ज्वालापुर से कुल्लू जाने वाली ये पहली बस थी। बस में खचाखच सवारियां भरी हुईं थी।
अस्पताल में अफरातफरी का माहौल
सुबह 8.30 बजे रेड़ूधार के पास बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे का पता लगते ही आसपास के लोग बचाव के लिए पहुंचे और घायलों को सड़क तक पहुंचाया। उन्हें औट पुलिस की मदद से 108 एंबुलेंस, एचआरटीसी की बस और निजी वाहनों से सीएचसी नगवाईं लाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया। सीएचसी नगवाईं में अफरातफरी का माहौल रहा। औट के नायब तहसीलदार हीराचंद नलवा ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गंभीर घायलों को 20 हजार और अन्य को तीन-तीन हजार की फौरी राहत दी गई है।
घायल बेटे को देख मां हुई बेहोश
जिला अस्पताल कुल्लू में अपने घायल बेटे को देखने पहुंची उसकी मां अस्पताल परिसर में गश खाकर गिर गई और बेहोश हो गई। महिला के बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे पीजीआई रेफर किया गया है।
42 सीटर निजी बस में 74 लोग सवार थे। चालक के खिलाफ मामला दर्ज हादसे के कारणों की जांच शुरू कर रही है। ओवरलोडिंग भी हादसे का कारण हो सकता है। घायलों का कुल्लू अस्पताल में उपचार चल रहा है। -हितेश लखनपाल, डीएसपी मंडी