अटल टनल रोहतांग बनकर तैयार है। 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन ने किया है। अटल टनल रोहतांग से वाहनों की आवाजाही शुरू होने से देश के सीमावर्ती क्षेत्र लेह-लद्दाख और कारगिल में सेना और रसद एक ही दिन में पहुंचाई जा सकेगी। हमेशा सर्दियों से देश-दुनिया से कटे रहने वाले हिमाचल के शीत मरुस्थल लाहौल-स्पीति के लिए भी 12 महीने यातायात बहाल रहेगा।
अटल को आधुनिक स्तर का बनाया गया है। इसके दोनों छोर बिल्कुल अलग होंगे। दोनों छोर पर पर्यटकों को अलग-अलग संस्कृतियों के दर्शन होंगे। अटल टनल रोहतांग का साउथ पोर्टल हेवन ऑन अर्थ होगा। नॉर्थ पोर्टल वंडरफुल होगा। बीते शनिवार को डीजीवीआर लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने दोनों छोर की कुछ इसी तरह से तारीफ की है।
टनल के दोनों छोरों पर अलग-अलग भौगोलिक परिस्थिति है, जो इसे खास बनाती है। साउथ और नॉर्थ पोर्टल में अलग संस्कृति से सैलानियों को रूबरू होने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन करेंगे।