बॉलीवुड अभिनेता आशीष विद्यार्थी
- फोटो : संवाद
बॉलीवुड अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने कहा कि जिंदगी में हर रोज बदलाव आ रहे हैं। बॉलीवुड भी बदल रहा है। वर्तमान परिपेक्ष्य के साथ जो लोग खुद को बदलना नहीं चाहते, वे लोग कहते हैं कि दुनिया बदल रही है। अब दुनिया के साथ चलना ही चलना होगा। उन्होंने कहा कि मैं भी हिमाचली हूं। मेरा हिमाचल की हसीन वादियों में ही आकर दिल लगता है। मंगलवार को आशीष विद्यार्थी धर्मपुर-सुबाथू सड़क पर कठनी के पास चाय की दुकान पर बैठे थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की।
उन्होंने कहा कि जिंदगी के लिए हमें आयाम बदलने होंगे। लोग बुरे नहीं होते। हमें हर जगह अच्छाइयां ही देखनी चाहिए। हर जगह गड्ढों की तरफ ध्यान नहीं देना चाहिए। गौर रहे कि आशीष विद्यार्थी अभी तक 240 से अधिक फिल्में कर चुकें है। अधिकतर फिल्में में विद्यार्थी विलेन का रोल निभा चुके हैं। फ्री टाइम में वे जिले के धर्मपुर में अपने दोस्त के पास आकर रुकते हैं। इन दिनों भी वह धर्मपुर आए हुए हैं और कभी सोलन तो कभी सुबाथू में लोगों से मिल रहे हैं।
धर्मपुर के रौड़ी में आशीष विद्यार्थी की दोस्त अमला प्रोग्राम फॉर थियेटर चला रही है। इस माध्यम से वे बच्चों को चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे थियेटर करने के तरीकों को यहां धर्मपुर में ही सिखाया जा रहा है। इसी के साथ खेल-खेल के माध्यम से स्कूली बच्चों को अंग्रेजी भी सिखा रही है और बच्चों को आत्मनिर्भर बना रहा है। अब वह लोगों को ट्रेनिंग दे रही है ताकि वे अन्य को भी सिख सके। एक थियेटर करने वाला कोई भी काम कर सकता है।
पहली बार आए थे कुल्लू
हिमाचल में वह पहली बार कुल्लू गए थे। इस दौरान उन्होंने हिमाचल के लोगों को करीब से देखा था और लोगों का स्वभाव जाना था। जिस तरह हिमाचल की हसीन वादियों का अपना नजरा है। उसी तरह हिमाचल के लोग है। इसके बाद से ही हिमाचल में कई जगहों पर फिल्मों में काम कर चुके हैं। आशीष विद्यार्थी ने कहा कि हिमाचल के लोग दिल के बहुत अच्छे हैं।