अब पूर्व ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा से सरकार लोकसभा चुनाव के बाद ही कोठी खाली कराएगी। सरकार ने अभी अनिल शर्मा को कोठी खाली करने का नोटिस नहीं दिया है। नोटिस में पूर्व मंत्री को दो महीने में कोठी खाली करने का समय दिया जाएगा। इधर, चेयरमैन से लेकर सचिवालय में बैठे ओहदेदार पूर्व मंत्री की इस कोठी को पाने के लिए मुख्यमंत्री और जीएडी से पैरवी करने में लगे हैं।
जयराम सरकार से ऊर्जा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद अनिल शर्मा ने सचिवालय सामान्य प्रशासन (जीएडी) गाड़ी और अन्य सुविधाएं लौटा दी हैं। कोठी में तैनात कर्मचारियों को भी वापस भेजने को कह दिया है। उनके साथ सिक्योरिटी में लगाए गए पीएसओ भी कार्यालय भेजे गए हैं। नियमों के मुताबिक इस्तीफे के बाद सरकारी कोठी खाली करने को सरकार को नोटिस देना होता है।
यह नोटिस 15 दिन के भीतर दिया जाता है। नोटिस मिलने के दो महीने के भीतर कोठी खाली करनी होती है, लेकिन नियम यह भी हैं कि कोठी खाली कराने से पहले विधायक वाला आवास अलॉट कराना होता है। वर्तमान में सरकार ने मेट्रोपोल और विधानसभा में अन्य विधायकों को आवास दिए हैं।