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सरकारी आवासों के लिए मचा घमासान, अध्यक्षों-उपाध्यक्षों ने किया आवेदन

Mon, 29 Oct 2018 11:16 AM IST
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश के निगमों-बोर्डों में अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की तैनाती के बाद सरकारी आवासों के लिए घमासान मच गया है। नवनियुक्त अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की ओर से अभी तक सरकारी आवासों के लिए दस आवेदन पहुंच चुके हैं। इनमें से दो से अधिक आवेदन सरकारी कोठियों के लिए आए हैं।

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मंत्रियों के लिए कोठियां आवंटित करने के बाद सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के लिए एक और मुसीबत खड़ी हो गई है। सरकार के पास अब और कोठियां नहीं हैं। पूर्व में दी गईं कोठियों को कोई छोड़ने को तैयार नहीं है।

बताया जा रहा है कि जीएडी की ओर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखा जा रहा है। इसमें सरकार से आगामी कार्रवाई के लिए पूछा जाएगा। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री को भी अभी कोठी नहीं मिली है। हालांकि, जीएडी की ओर से उन्हें फ्लैट उपलब्ध कराया जा रहा था लेकिन अग्निहोत्री ने इसमें रहने से मना कर दिया है।

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अभी और बनाए जाने हैं अध्यक्ष-उपाध्यक्ष

वह स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर सरकार के पास कोठी नहीं है तो वह एमएलए क्वार्टर में रहने को तैयार हैं। उधर, सचिवालय सामान्य प्रशासन सचिव आरएन बत्ता ने बताया कि नियमों और शर्तों के मुताबिक ही अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को आवासों का आवंटन होता है। यह देखना होगा कि नियम क्या कहते हैं।

प्रदेश सरकार की ओर से अभी और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाए जाने हैं। सूत्र बताते हैं कि सरकार की ओर से एक और लिस्ट जारी होने से पहले नवनियुक्त अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सरकारी आवास पा लेना चाहते हैं।

जीएडी नहीं देगा वाहन 
जीएडी निगमों-बोर्डों के उपाध्यक्षों को वाहन नहीं देगा। इन उपाध्यक्षों की जिस निगम और बोर्ड में तैनाती हुई है, वही इन्हें वाहन उपलब्ध कराएंगे।
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