मासूम अमित की मौत से कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि कहीं ब्लू व्हेल की पहेली को नहीं सुलझा पाने पर उसने अपनी जान तो नहीं ले ली। अमित के लिखे सुसाइड नोट में दो पहेलियां दी हैं, जिनमें से एक को सुलझाने से संभवत: वो चूक गया। एक पहेली में एक बाक्स को 12 हिस्सों में बांटकर अंक भरे हुए हैं, जिसके नीचे उसने अपना नाम लिखा है। दूसरे बाक्स में अंग्रेजी वर्णमाला के 28 अक्षरों को बांटा गया है, जिसके नीचे लिखा है कि ये पहेली सुलझाओ।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पहेलियां अमित तक कैसे पहुंची? आखिर वो कौन सी वजह है कि पहेलियां नहीं सुलझने पर मासूम खुद को मौत की सजा देने के लिए मजबूर हो गया? सुलझाने में नाकाम होने पर खुद को मार लेने के आदेश क्या गेम के संचालक ने दिए? ब्लू व्हेल की इन अनसुलझी पहेलियों का जवाब गेम के अज्ञात संचालक के पास है, जिस तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती है।
अमित के सुसाइड नोट की हर पंक्ति चौंकाने वाली है। नोट की शुरुआत में लिखा है कि, ‘मम्मी मुझे देखना है तो स्टोर रूम जाना पर उससे पहले ये सुनो मुझे कोई प्यार नहीं करता’। इस लाइन से लगता है कि वो डिप्रेशन में चला गया था, जिसकी वजह ब्लू व्हेल की पहेलियों को माना जा रहा है। इस गेम में यह पहेलियां टास्क मानी जाती हैं, जिन्हें सुलझा कर गेम एडमिन को भेजना होता है।
अमित ने नोट में पहले लिखा ‘आपका’, फिर उसे काट कर लिखा- मैं अमित मरने जा रहा हूं। इसके बाद लिखा है, ‘ये सजा नहीं है नस काटनी, वगैरा वगैरा’। हैरान करने वाली अंतिम लाइन में लिखा है ‘मैं अपने को फांसी की सजा देता हूं।’ अमित ने खुद को क्यों सजा दी इसकी वजह शायद नोट के अंत में बनाई दो पहेलियां हैं। इन्हें बूझ पाने में नाकाम रहने पर क्या उसने खुद को सजा दे दी, यह जांच का विषय है।
क्या है इन दो पहेलियों का रहस्य
- पहली पहेली में एक बाक्स है, जिसे तीन लाइनों में 12 हिस्सों में विभाजित किया है। हर बाक्स में अंक लिखे हैं। पहली लाइन में 1 से 4 तक, निचली लाइन में 5 से 8 तक और आखिरी लाइन में 9 और 10 के साथ आखिरी दो बाक्स में स्टार और प्लस का निशान है। यह काफी कुछ टेलीफोन के डायल बॉक्स की तरह है, लेकिन 0 की जगह इसमें 10 का अंक है। इस बाक्स के नीचे मैं अमित लिखा है।
- ठीक उसके सामने एक और बॉक्स है, जिकी चार लाइनों को 28 हिस्सों में विभाजित किया है। अंग्रेजी की वर्णमाला के कुछ अक्षर इस्तेमाल किए हैं। हर लाइन में दो बार ए अक्षर का इस्तेमाल है। इसके अलावा 13 और अक्षर हर हिस्से में लिखे गए हैं। इनको सुलझाने की चुनौती थी, जिसके चलते उसके नीचे अमित ने लिखा है ये पहेली सुलझाओ। अब इन अक्षरों से हर लाइन में कोई शब्द बनाना था या फिर वाक्य यह समझ से परे है।
एडमिन तक पहुंचना नामुमकिन
इन पहेलियों का क्या अर्थ है, यह जांच का सबसे बड़ा विषय है। इनको विशेषज्ञों की मदद से डिकोड करने की अगर कोशिश करने पर अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। पुलिस भी इस तथ्य को गंभीरता से ले रही है। हालांकि पहेलियां भेजने वाले ने उसके साथ क्या दिशा निर्देश दिए हैं, उसका जिक्र साफ तौर पर नहीं किया गया है। इससे पहले किस तरह की पहेलियां अमित ने सुलझाई उनको भी तलाशना जरूरी है, जिससे पूरे खेल के तार जुड़े हो सकते हैं।