दुनिया भर में युवाओं और बच्चों को अपना निशाना बना रहे ब्लू व्हेल चैलेंज की दस्तक भारत में पहुंचने के साथ ही हिमाचल पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
इसमें सभी को सलाह दी गई है कि वह बच्चों की गतिविधियों पर निगाह बनाए रखें। साथ ही उनसे लगातार बातचीत कर उनकी मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देते रहें।
शरीर पर चोट के निशान होने की स्थिति में जरूर पड़ताल करें। हिमाचल पुलिस के अधिकारियों ने ये एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की है, जब कई देशों में हजारों बच्चे इस चैलेंज के चक्कर में आत्महत्या कर चुके हैं।
एसपी साइबर क्राइम संदीप धवल की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि अभिभावक बच्चों के मोबाइल के अलावा फेसबुक, स्नैपचैट व ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग अकाउंटों पर भी नजर रखें।
बच्चों की किताबों, नोट बुक्स में भी दर्ज नोट्स पर ध्यान दें। दरअसल, इन ब्लू व्हेल चैलेंज को देने वाले बच्चों को इन्हीं साइटों के जरिये टारगेट कर संपर्क करते हैं।
इसके बाद कई बेहद खतरनाक टास्क देकर उन्हें फोटो खींचकर प्रूफ देने के लिए कहते हैं और आखिर में आत्महत्या करने के लिए उकसाते हैं। बताया कि 12 सेे 19 साल के युवाओं को ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं स्कूल अधिकारियों को भी कहा गया है कि इंटरनेट गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाए। धवल ने बताया कि केंद्र सरकार ने पहले ही इसपर एडवाइजरी जारी की है।
चूंकि अभी तक इसे रोकने के ठोस उपाय सामने नहीं आए हैं, इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि वह सतर्कता बरतें।