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शिमला के इस कॉलेज में भिड़े छात्र गुट, दो के सिर फूटे

Tue, 26 Feb 2019 07:40 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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 राजधानी के राजीव गांधी महाविद्यालय में पाक अधिकृत कश्मीर पर भारतीय वायु सेना की कार्रवाई के समर्थन में किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हो गई।

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करीब सवा एक बजे हुई इस हिंसक झड़प में एबीवीपी के दो कार्यकर्ताओं के सिर पर चोटें आई हैं। कॉलेज कैंपस में हुए इस खूनी संघर्ष के बाद बालूगंज थाना से आई पुलिस ने दोनों घायल एबीवीपी कार्यकर्ताओं का मेडिकल करवाया और मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। 

  एबीवीपी की ओर से पुलिस को दी शिकायत में एसएफआई के करीब आठ कार्यकर्ताओं के नाम दिए गए हैं। इन पर आरोप है कि परिसर में वायुसेना की पाक पर की जवाबी कार्रवाई के समर्थन में किए जा रहे प्रदर्शन और रैली के दौरान एसएफआई के करीब बीस कार्यकर्ताओं ने अचानक एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर
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हमला कर दिया। इसमें एबीवीपी कार्यकर्ता राहुल और जगपाल के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। इनको प्राथमिक उपचार और मेडिकल के लिए दोपहर बाद दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल लाया गया।  

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एसएफआई कार्यकर्ताओं ने किया हमला : चौहान

एबीवीपी के जिला संयोजक विक्रांत चौहान ने कहा कि वायु सेना की पुलवामा हमले के जवाब में पाक अधिकृत कश्मीर पर की कार्रवाई को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ता रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान वामपंथी संगठन एसएफआई के गुंडा तत्वों ने अचानक तेजधार हथियार से हमला बोल दिया।

इसमें दो कार्यकर्ताओं के सिर पर चोटें आई हैं। इनको उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। एबीवीपी ने थाना बालुगंज में एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दी है। इसमें हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कहा कि एसएफआई हमेशा इसी तरह से हिंसा की राजनीति कैंपस में करती आई है, इसी को आगे बढ़ाते हुए उन्हाेंने सेना की कार्रवाई के समर्थन में विजय रैली निकाल रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला कर अपने रक्तरंजित इतिहास को दोहराया है। 

छात्रों की तरफ से नहीं आई शिकायत : सिंह 
कॉलेज प्राचार्य इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कैंपस में दोपहर को छात्रों के बीच झगड़ा होने की सूचना मिली थी लेकिन किसी की ओर से अभी तक कॉलेज प्रशासन को कोई शिकायत नहीं मिली है। छात्र कौन थे, किसके बीच लड़ाई हुई है, इसकी पूरी जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कॉलेज खुल जाने और पहली हिंसा की घटना को देखते हुए गश्त बढ़ाए जाने का आग्रह किया है। 
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