आरएडीएमएस के डाटा में इसके पीछे सबसे बड़ा कारण नेशनल हाईवे होना माना जा रहा है। इन आंकड़ों पर अध्ययन कर रही डीआईजी टीटीआर पुनीता भारद्वाज कहती हैं कि नेशनल हाईवे पर आम तौर पर वाहन लंबी दूरी से आ रहे होते हैं।
एक ही रफ्तार पर वाहन चलाने की वजह से कोई बस्ती या आबादी वाला क्षेत्र आने पर ड्राइवर की मनोवैज्ञानिक स्थिति पहले जैसी ही रहती है। इसी वजह से वाहन चालक बस्तियों के बीच भी वाहन तेजी से ही चलाते हैं और आमने-सामने की टक्कर के मामले ज्यादा सामने आते हैं।
बाईपास व्यवस्था को देना होगा बढ़ावा- डीआईजी पुनीता कहती हैं कि नेशनल हाईवे किनारे से बस्तियों को हटाना असंभव है। ऐसे में बाईपास बनाने की ओर ज्यादा जोर देना चाहिए। इससे तेज रफ्तार से चल रहे वाहनों को आबादी के बीच से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। वहीं, रोजाना आवागमन करने वाले स्थानीय वाहन ज्यादा रफ्तार से नहीं चलते हैं। ऐसे में हादसों में कमी आने की संभावना रहती है।