परंतु चंबा जिला में काफी समय से उचित मूल्य की दुकानों में दिए जाने वाले राशन के साथ मिट्टी के तेल की कालाबाजारी हो रही थी। जिसके बारे में संबंधित विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा था।
जिला में लोगों को डिपुओं में सब्सिडी पर मिट्टी का तेल नहीं मिल रहा है। जबकि डिपूओं से मिट्टी का तेल ब्लैक में बेचा जा रहा है। ऐसा करने वाले डिपो होल्डरों पर विभाग व प्रशासन नकेल नहीं कस पा रहा है।
यहीं कारण है कि जिला में सरकारी राशन व मिट्टी के तेल की कालाबाजारी बढ़ गई है। डिपुओं से मिट्टी का तेल बिना राशन कार्ड ढ़ाबा व होटल संचालकों को बेचा जा रहा है। इससे डिपो होल्डर तो मुनाफा कमा रहे हैं। परंतु गरीब लोगों को इसका नुकसान झेलना पड़ता है।
पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि परेल में सरकारी राशन व मिट्टी के तेल की कालाबाजारी हो रही है। इसको लेकर पुलिस ने सुनियोजित तरीके से अपना जाल बिछाया।
सोमवार रात को पुलिस ने अपनी दबिश देकर परेल में एक स्टोर से उपरोक्त राशन व मिट्टी का तेल पकड़ा। स्टोर संचालक के खिलाफ पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मोनिका ने बताया कि परेल में एक स्टोर से पुलिस ने सरकारी राशन व मिट्टी का तेल बरामद किया है। जिसे उचित मूल्य की दुकान पर ही बेचा जा सकता है। स्टोर संचालक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगामी कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।