भाजपा प्रदेश महामंत्री रणधीर शर्मा ने सरकार पर पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनाव जानबूझ कर टालने का आरोप लगाया है। कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज करने के उपरांत उत्पन्न स्थिति के कारण सरकार चुनाव को लटकाने का प्रयास कर रही है।
कहा कि पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने स्वयं नवंबर-दिसंबर में यह चुनाव करवाने की बात कही थी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर मामला दर्ज होने के बाद वे इसे जानबूझ कर आगे खिसकाने का प्रयास कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि पंचायतीराज मंत्री ने पहले कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से चुनाव आरक्षण रोस्टर तय किया। अंतिम समय में कैबिनेट ने इस रोस्टर को खारिज कर मैनुअली तय करने का निर्णय लिया।
भाजपा ने इस कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देती है कि अगर आरक्षण रोस्टर पंचायतीराज एक्ट के अनुसार लागू नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। आरोप है कि वीरभद्र सरकार शहरी निकाय के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव प्रत्यक्ष रूप से और पार्टी चुनाव चिन्ह पर इसलिए नहीं करवा रही है, ताकि चुने हुए प्रतिनिधियों पर सरकार दबाव डाल कर कांग्रेस के लोगों को इन पदों पर बैठाया जा सके।