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भाजपा का तीखा हमला, कहा-पुत्र सीएम पिता को पत्र से बता रहे हैं उनके महकमे का हाल

Thu, 09 Mar 2017 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल विधानसभा में बुधवार को कई अहम मसलों पर सदन गरमा गया। विपक्ष ने दो बार वॉकआउट भी किया। इसी दौरान शाहपुर की भाजपा विधायक सरवीण चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह खुद अपने पिता को पत्र लिख रहे हैं कि निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस ली जा रही है।
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बेटे को पिता को बताना पड़ रहा है कि उनके विभाग में किस तरह से मनमानी हो रही है। सरवीण चौधरी ने कहा कि इस बारे में विक्रमादित्य सिंह के हवाले से ‘अमर उजाला’ में खबर भी छपी है। बुधवार को सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए सरवीण ने कहा कि शिक्षा समेत तमाम विभागों की हालत खराब है।

शाहपुर में आरएमएसए में मिले बजट से बनाए जा रहे भवनों की ड्राइंग चेंज की जा रही है। ऐसे मामलों की जांच होनी चाहिए। कहा कि मुख्यमंत्री विधायक संजय रत्न के अनुरोध पर धर्मशाला में रिसेटलमेट कर रहे हैं। हालीलॉज में कमरे किराए पर दिए गए हैं, वहां शायद कमी पड़ गई होगी।
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सरवीण ने सवाल किया कि कांग्रेस जिस तरह से दावा करती रही है कि हर घर को नौकरी मिल गई क्या? बेरोजगारी भत्ते की बात को कौशल विकास भत्ते में बदल दिया गया। निगमों में अध्यक्षों-उपाध्यक्षों पर खूब खर्च किया जा रहा है। अतिरिक्त महाधिवक्ता की नियुक्ति भी बड़ी संख्या में हुई है। मंत्रियों के दिल्ली दौरों के बारे में जब सूचना मांगी जाती है तो जवाब दिया गया कि सूचना एकत्र की जा रही है। सरकार जनता का कल्याण भूल गई है। 

कैश बैरियर, सरिया खरीदारी पर वीरभद्र-महेंद्र में नोकझोंक

नेशनल हाइवे किनारे लगे क्रैश बैरियर के मामले पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और महेंद्र सिंह के बीच नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक महेंद्र सिंह प्रश्न को लंबा खींच रहे थे। यह करीब 25 मिनट तक चला। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में और भी सदस्य हैं। सबको प्रश्न पूछने का अधिकार है। आप बेकार की जानकारी मांगते हैं। यहां पूरी फाइल पड़ी है, अध्ययन कीजिए।
 
महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक महेश्वर सिंह ने 7 अप्रैल, 2015 में क्रैश बैरियर को लेकर प्रश्न पूछा था, उसके और आज के प्रश्न में जो उत्तर दिया है, वह मेल नहीं खा रहा है। पहले क्रैश बैरियर में तीन पार्ट लगाए जाते थे। अब दो लगाएं जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री बोले - नेशनल हाईवे में क्रैश बैरियर केंद्र सरकार लगाती है। प्रश्न के उत्तर की पूरी फाइल पड़ी है, पढ़ लीजिए।

यह प्रश्न ऐसा है कि जब आप पांच साल के थे, तब से लेकर अब तक कितनी बार खाना खाया? इसके बाद महेंद्र सिंह ने कहा कि आपने महंगे दामों पर सरिया खरीदा। इस बीच मुख्यमंत्री अपनी सीट पर खड़े होकर बोले, सरिया लोक निर्माण विभाग ने खरीदा है। मुख्यमंत्री के बार-बार अफसर गैलरी के पास खड़े होने पर भी विधायक ने चिंता जताई। कहा कि मुख्यमंत्री मेरे प्रश्न को गंभीरता से नहीं सुन रहे हैं। सीएम ने कहा कि आप बोलते रहिए, मैं सुन रहा हूं। 

विधायक स्वयं करें अध्ययन 
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल, 2013 से 30 नवंबर, 2016 तक कंपनियों, ठेकेदारों और सप्लायरों से जो सामग्री क्रय की गई है, उसमें स्टील पर 15825.08 लाख रुपये, आरसीसी ह्यूमन पाइप पर 593.82 लाख रुपये, सीमेंट पर 23950.99 लाख क्रैश बैरियर 1149.17 लाख, इंटर लिंक चेंस पर 1064.81 लाख और बिचुमन पर 40637.78 लाख रुपये खर्चे हैं।

भाजपा चार्जशीट पर सरकार ने नहीं दिया जवाब

भाजपा की ओर से कांग्रेस सरकार के खिलाफ तैयार की गई चार्जशीट पर कार्रवाई करने के मामले पर प्रदेश सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि इसकी सूचना एकत्र की जा रही है। जब उत्तर बनेगा, जवाब दे दिया जाएगा।

भाजपा विधेयक महेंद्र ने अपने प्रश्न में कहा कि पंडित सुखराम ने 1998 में मुख्यमंत्री वीरभद्र सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री और सुखराम के बीच समझौता हो गया। पंडित के बेटे को मंत्री बनाया गया। अब इसकी सूचना छुपाई जा रही है। 

बर्फीले क्षेत्रों में मोटी होगी टारिंग,नहीं उखड़ेंगी सड़कें : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल के जिन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होती है, उनमें पहले की अपेक्षा मोटी टारिंग की जाएगी, ताकि बर्फ हटाते वक्त टारिंग न उखड़े। सीएम चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए ज्यादा से ज्यादा स्नोकटर की व्यवस्था की जाएगी।

चौपाल जैसे पिछड़े क्षेत्र में सरकार ने सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई कार्य किए हैं। कहा कि चौपाल मंडल में तहत 4 साल में पीएमजीएसवाई में 15747.53 लाख, नाबार्ड में 2607.24 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। चौपाल मंडल में पीएमजीएसवाई के तहत 44.35 किलोमीटर कच्ची सड़क तथा 17 किलोमीटर पक्की सड़कों का निर्माण किया गया। इसमें 1492.11 लाख व्यय किए गए हैं। 
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सीएम के जवाब पर विपक्ष का सदन से दो बार वाकआउट 

सीएम वीरभद्र सिंह के दो अलग-अलग मामलों पर जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने दो बार वाकआउट कर दिया। भर्ती रोस्टर लागू न करने और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के जवाब से असंतोष जताते हुए विपक्ष ने यह विरोध जताया। प्रदेश विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल में पैट, पीटीए और एसएमसी जैसे अस्थायी शिक्षकों की भर्ती के मामले में आरक्षण रोस्टर पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया।

भाजपा विधायक रविंद्र रवि और हंसराज के संयुक्त सवाल पर पहले सत्ता पक्ष एवं विपक्ष में हल्की नोकझोंक होती रही। यह बाद में हंगामे में बदल गई। फिर भाजपा विधायक नारेबाजी करते सदन से चले गए। रवि और चुराह के विधायक हंसराज के संयुक्त सवाल के जवाब में भाजपा विधायकों का कहना था कि ऐसी भर्ती के लिए आरक्षण रोस्टर लागू क्यों नहीं किया गया। आगे से इसे कैसे लागू करेंगे? जवाब में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे बजट का इंतजार करें, उन्हें जवाब मिल जाएगा।

किसी भी श्रेणी की बात हो, वे उनके वेलफेयर के लिए कार्यरत हैं। जिंदगी भर उन्हें ठेकेदारी पर रखना सही नहीं है। हंसराज ने सवाल उठाया कि वर्ष 2012 से एसएससी शिक्षकों को रखा जाने लगा है, मगर इनकी भर्ती के दौरान आरक्षण रोस्टर को लागू नहीं किया गया है। इसी तरह से पीटीए और पैट भर्ती में हुआ है। ये शिक्षक भी 14 से 18 साल साल पहले भर्ती हो गए हैं। शिक्षकों की भर्ती की ऐसी पॉलिसी क्यों नहीं बनाई जाती, जिससे आरक्षण रोस्टर को लागू किया जा सके। पूर्व सैनिकों, ओबीसी और अन्य तमाम वर्गों को भी ऐसी भर्ती में कोटे के मुताबिक मौका मिलना चाहिए। भोजनावकाश के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद सीएम वीरभद्र सिंह के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने दोबारा वाकआउट किया।
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