प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा गया। प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि वीरभद्र सरकार चोर दरवाजे से नौकरियां बांट रही है। तृतीय, चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में देश में कहीं भी साक्षात्कार नहीं हो रहे हैं, परंतु लगभग एक वर्ष बाद भी कांग्रेस इस प्रणाली को लागू न करके बैक डोर एंट्री कर रही है।
प्रदेश सरकार को उन्होंने कमीशन लेने वाली कहा। कहा कि जहां कैश है, वहीं कमीशन है और जहां कमीशन है वहीं कांग्रेस है। अगर कमीशन समाप्त होती है तो कांग्रेस समाप्त हो जाएगी। प्रदेश को कमीशन मुक्त बनाने के लिए आवश्यक है कि प्रदेश को कांग्रेसमुक्त बनाया जाए। कहा कि सरकार के मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच चल रहे मनमुटाव दूर करने में ही बचा समय निकल जाएगा तो विकास की बातें दूर हैं।
कांग्रेस को विश्वासघातियों की सरकार बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज ऐसा कोई वर्ग नहीं है, जिसके साथ इस सरकार ने विश्वासघात न किया हो। सत्ता सुख भोग रहे मुख्यमंत्री का बेरोजगारी भत्ते से मुकरना शर्मनाक है। 4-9-14 का लाभ न देकर कर्मचारियों से धोखा किया। हिमाचल को इतना अधिक संसाधन विकास के लिए कभी नहीं मिले जितने आज मिल रहे हैं।
लेकिन प्रदेश कांग्रेस सरकार इसका फायदा उठाने में नाकाम रही है। उन्होंने विमुद्रीकरण को एक ऐतिहासिक और साहसिक फैसला करार दिया। बैठक में अनुराग ठाकुर, शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल समेत प्रदेश प्रदेश के करीब 300 पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में तीन अहम मुद्दों पीएम की मंडी रैली, त्रिदेव सम्मेलन और चार्जशीट पर मंत्रणा की जा रही है।
शांता और धूमल आज लेंगे सत्र
सांसद शांता कुमार और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल आज होने वाले सत्रों का हिस्सा बनेंगे। बैठक में प्रदेश भर से जिलाध्यक्ष, विधायक पूर्व विधायक, प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष व कार्यकारिणी व प्रदेश समिति के सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि जिस चार्जशीट को मुख्यमंत्री कूडे़ की टोकरी में डालने की बात कहते हैं, उसे भाजपा मंडलों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएगी।
कूड़े की टोकरी में नहीं जन जन तक पहुंचेगी चार्जशीट
प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक डा. राजीव बिंदल ने कहा कि जिस चार्जशीट को मुख्यमंत्री कूड़े की टोकरी में डालने की बात कहते हैं। उसे भाजपा मंडलों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रस्ताव प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पारित हुआ है। ताकि प्रदेश की जनता के समक्ष कांग्रेस सरकार के काले कारनामों की पोल खुल सके और सच्चाई का पता चल सके। कांग्रेस सरकार को अब भाजपा ने नया डेजिग्नेशन दिया है।
सबसे निकम्मी और सबसे भ्रष्ट सरकार के नाम से इस सरकार को जाना जाएगा। वे बैठक के बाद मीडिया के साथ बातचीत में बोल रहे थे। कहा कि बैठक में तीन अहम मुद्दों पीएम की मंडी रैली, त्रिदेव सम्मेलन और चार्जशीट पर गहन मंत्रणा की जा रही है। वीरभद्र ने चार्जशीट को रद्दी की टोकरी में फेंकने की बात कही, लेकिन रद्दी की टोकरी में उन्होंने प्रदेश के युवाओं का भविष्य फेंक दिया है।
बेरोजगार युवाओं को बरोजगारी भत्ता देने का सपना दिखाकर सुख भोगने वाली यह सरकार अब इस मुद्दे को बाईपास करने के लिए नए-नए संवाग रचने लगी है। कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री कहते हैं किसी अनाड़ी ने ही बनाया होगा ऐसा घोषणा पत्र जिसमें बेरोजगारी भत्ता शामिल है, वहीं दूसरी ओर उनके श्रेष्ठ मंत्री कहते हैं कि जब बोला है तो वादा पूरा करना चाहिए, तो तीसरे मंत्री बोलते हैं कि वे वादा पूरा करेंगे।
कांग्रेस सरकार की मिली भगत है और इस मामले को बाईपास करने में लगी हुई है। बैठक के दौरान कांग्रेस के घोषणा पत्र का नाकामियों का मुद्दा भी गूंजा। कहा गया कि घोषणापत्र में शामिल सारे वायदे अब तक अधूरे हैं। प्रदेश सरकार ने हिमाचल के किसानों को भी वोट लेकर ठगा है। अब तक किसानों को बंदरों, आवारा पशुओं से निजात नहीं मिल सकी है। हर साल किसानों को लाखों करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है मगर प्रदेश सरकार के अपने ही मंत्रियों में रूठना मनाना चल रहा है।
बिजली और पानी देने में वीरभद्र सरकार नाकाम
बर्फ बारी के पांच दिन बाद भी सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को वीरभद्र सरकार बहाल करने में नाकाम रही है। सीएम के निजी आवास और मंत्रियों के आवास क्षेत्रों में तो बिजली, पानी उपलब्ध है, शेष क्षेत्रों में सड़कें जाम हैं। बिजली, पानी बंद है। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित कर मांग की कि प्रदेश में बर्फ बारी से बाधित सड़कों को तुरंत खोला जाए।
बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अविलंब बहाल की जाएं। भाजपा कार्यसमिति की बैठक में सरकार के चार साल के कार्यकाल को अत्यंत निराशाजनक बताया गया। आरोप लगाया कि चुनाव घोषणापत्र में जनता से किए वायदों को भी पूरा करने में सरकार नाकाम रही है। कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए बेरोजगारी भत्ता देने की वायदा किया था, लेकिन अब सीएम इससे मुकर रहे हैं। मजदूरों की दिहाड़ी 200 रुपये करने का वायदा भी अधूरा रहा।
आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय खोले महाविद्यालयों और अपग्रेड किए सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को बंद करना, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों के खिलाफ रूसा पद्धति को लागू करना इसका स्पष्ट उदाहरण है। प्रदेश में 4 सालों में सैकड़ों दुर्घटनाएं हुईं, हजारों लोग गंभीर चोटों का शिकार हुए।
दूषित पेयजल के कारण प्रदेश में पीलिया फैला। 70 लोगों की मौत हुई और 15000 लोग पीलिया की चपेट में आए। भाजपा का मानना है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह केवल घोषणा मंत्री बनकर रह गए हैं। इन चार वर्षों में की गई 1300 घोषणाओं में से सिर्फ 300 पर अमल हुआ है।
भाजपा का आरोप है कि सरकार में गत चार वर्षों के कार्यकाल में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ गई हैं। हिमाचल खून, बलात्कार, डकैती, चोरी और अपहरण के मामलों से सहमा हुआ है। प्रदेश में माफि या राज है। इस संबंध में 24 दिसंबर को भाजपा ने राज्यपाल को एक चार्जशीट सौंपी थी। इसमें मुख्यमंत्री सहित सरकार के 41 कर्णधारों पर भ्रष्टाचार के प्रमाणों सहित आरोप लगाए गए।