आगामी विधानसभा चुनाव में हिमाचल में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का चेहरा आखिर कौन होगा? ठोडो ग्राउंड में शिमला संसदीय क्षेत्र के सम्मेलन के दौरान त्रिदेवों के बीच यह सुगबुगाहट साफ देखने को मिली। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दाएं-बाएं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की कुर्सियां भी चर्चा में रहीं।
लेकिन इन चर्चाओं को हवा तब मिली, जब धूमल के आते ही उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। एक बार नारे लगाने के बाद जब सन्नाटा हो गया तो दूसरी बार फिर नारे लगने शुरू हो गए। ऐसे में मंच संचालन कर रहे प्रदेश प्रवक्ता डॉ. राजीव बिंदल ने सियासी समझ दिखाते हुए ध्यान इधर उधर करने की कोशिश की।
लेकिन अंत में अमित शाह ने अपने संबोधन में साफ कर दिया कि घरानों, जाति और नेताओं के आधार पर टिकट नहीं मिलेगा। पॉलीटिकल परफॉरमेंस के आधार पर ही जिम्मेदारियां तय होंगी या चयन होगा। उन्होंने कहा कि इतनी भारी भीड़ जमा करने के बावजूद अगर भाजपा सरकार नहीं बन सकी तो हाथ मलते रह जाओगे।