पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद शांता कुमार ने योग और आयुर्वेद को एलोपैथी के साथ लेकर चलने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि एलोपैथी ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर बहुत काम किया है। इसका लाभ भी मिला है लेकिन, इसके साइड इफेक्ट से कई लोगों की जान भी गई है। ऐसे में योग और आयुर्वेद को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।
शांता कुमार हिमालय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शोध संस्थान कायाकल्प पालमपुर में मांसपेशीय विकारों पर संगोष्ठी में बोल रहे थे। आयुर्वेद एवं योग की भूमिका पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने योग और आयुर्वेद को विज्ञान से आत्मसात करने की वकालत की। शांता ने कहा कि विज्ञान कहां जा रहा है और कल कहां जाएगा, उसका किसी को पता नहीं है।
विज्ञान सूक्ष्म से सूक्ष्म की ओर जा रहा है। लेकिन, विज्ञान के साथ आयुर्वेद और योग को भी साथ चलना होगा। आने वाले दिनों में लोगों को आयुर्वेद और योग को अपनाना होगा। इस पर कई शोध चल रहे हैं।
योग से दिल के मरीज ठीक हुए हैं। इस मौके पर कायाकल्प संस्थान के निदेशक डॉ. आशुतोष गुलेरी, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ सत्य नारायण ओहजा, डॉ. यश गोपा कुमार और विनीता राणा आदि मौजूद रहे।