जयराम सरकार के सत्तासीन होने के बाद विधायकों व पूर्व मुख्यमंत्रियों को निजी सुरक्षा कर्मी देने को लेकर डीजीपी सीताराम मरडी के साथ खासा विवाद हुआ। इसके बावजूद जयराम सरकार ने हाल ही में पीएसओ को दो साल का सेवा विस्तार दे दिया है। यह तब है, जब सत्तासीन सरकार के नेता विपक्ष में रहते हुए रिटायर्ड अधिकारियों कर्मचारियों की वजह से वीरभद्र सरकार को टायर्ड रिटायर्ड की सरकार कहते थे।
क्या है पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर- 40 पार के पुलिस कर्मी को निजी सुरक्षा कर्मी (पीएसओ) के तौर पर अनफिट माना जाता है। उसे कमांडो या पीएसओ कोर्स के अलावा हर साल फायरिंग प्रैक्टिस व शारीरिक फिटनेस बरकरार रखनी होती है। सर्विस रिकार्ड भी बेहद अच्छा होना जरूरी होता है।