पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने कहा कि भारत में नौ नवंबर का दिन इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज किया जाएगा। मोदी सरकार की ओर से 500 और 1000 के नोट बंद करने के एतिहासिक फैसले से देश के माथे से गरीबी का कलंक मिटेगा। इस फैसले के पीछे दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति रही है।
उम्मीद है कि मोदी सरकार देश हित में और ऐसे कई कड़े निर्णय लेगी। ऊना के विश्राम गृह में पत्रकारों को संबोधित करते हुए शांता कुमार ने कहा कि इस एक फैसले से देश में आतंकवाद और कालेधन पर करारी चोट लगी है। सत्तर साल की आजादी के बाद भारत देश अमीर तो हो गया, लेकिन देश में करोड़पतियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ गरीबों की भी तादाद बढ़ती गई।
आज देश में भुखमरी का कारण भ्रष्टाचार और कालाधन है। इस सख्त फैसले से लोगों को कुछ समय के लिए परेशानी तो होगी लेकिन देश हित में इसे झेलना पड़ेगा। वह देश के लोगों से अपील करते हैं कि इस निर्णय में सरकार के साथ खड़े हों। शांता कुमार ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी का पिछले कल जन्मदिन था।
जिन्होंने कालेधन के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चलाई थी। यह उनके लिए एक तोहफे की तरह रहा। वहीं, शांता कुमार ने हिमाचल प्रदेश में नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि भाजपा चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है। पार्टी का मुख्यमंत्री कौन होगा यह हाईकमान तय करेगा। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष बलवीर बग्गा, वरिष्ठ नेता हरिओम भनोट, राजकुमार पठानिया आदि मौजूद रहे।