हिमाचल विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन ही सदन में जमकर हंगामा हुआ। सोमवार दोपहर दो बजे शुरू हुए सत्र में शोक उद्गार प्रस्ताव पर सवा घंटे चर्चा के तुरंत बाद भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज अपनी सीट से खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि सीएम वीरभद्र सिंह ने चार अगस्त को हिमाचल निर्माता डा. वाईएस परमार की जयंती पर मीडिया के सामने भाजपा विधायकों को अपमानित किया।
इस बारे भाजपा विधायकों ने प्रिविलेज मोशन दिया है। इस पर क्या कार्रवाई की गई है? स्पीकर बुटेल ने इस पर चर्चा करना अनावश्यक बताया तो भाजपा विधायक उखड़ गए। सदन में नारेबाजी शुरू हो गई और विपक्ष वाकआउट कर गया। थोड़ी ही देर बाद विपक्ष के सदस्य सदन में लौट आए। पहले दिन सदन की कार्यवाही करीब दो घंटे तक चली।
शोकोद्गार के बाद करीब सवा तीन बजे सदन में भाजपा के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि चार अगस्त के दिन कई समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सीएम का बयान आया कि एक-दो सदस्यों को छोड़कर बाकी भाजपा विधायक विधानसभा में आने लायक नहीं हैं। यह चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान है।
भाजपा विधायकों ने इस पर प्रिविलेज मोशन दिया है। इस पर स्पीकर स्थिति स्पष्ट करें। नाहन से भाजपा विधायक डा. राजीव बिंदल ने भी इसे विधायिका और लोकतंत्र का अपमान बताया। नयना देवी से भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि अगर सीएम ने ऐसा बयान नहीं दिया तो इसका खंडन क्यों नहीं किया। विधायक एक संस्था है और ये संस्था का अपमान है।
जवाब में वीरभद्र सिंह बोले कि ये सारा मामला मनगढ़ंत है। उन्होंने अपना ऐसा कोई बयान अखबारों में पढ़ा भी नहीं है। पढ़ा होता तो वे इसका तत्काल खंडन करते। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि हर सत्र से पहले सीएम वीरभद्र सिंह का कोई न कोई ऐसा बयान आता ही है। ये किसी एक अखबार ने नहीं, पूरे मीडिया ने छापा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र बोले कि ये बात उनके संज्ञान में आई ही नहीं। ऐसे में उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
इस पर धूमल बोले- सीएम कह रहे हैं कि ये उनके ध्यान में नहीं है। अगर ऐसा है तो उन्हें ये लोक संपर्क विभाग और सीआईडी को बताना चाहिए था। सीएम वीरभद्र बोले कि यह समाचार सोमवार को ही उनके संज्ञान में आया है। पहले आता तो वे प्रेस नोट बनाकर इसका जोरदार खंडन करते।
इसी बीच सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रिविलेज कमेटी ने उनके नोटिस पर क्या कार्रवाई की है तो बुटेल ने कहा कि ऐसी चर्चा अनावश्यक हैं। इसे देखा जा रहा है। इस पर भाजपा विधायकों ने सदन के भीतर नारेबाजी शुरू कर दी। सत्तापक्ष और विपक्ष में नोक झोंक भी शुरू हो गई। काफी हंगामे के बाद विपक्ष के सदस्य वाकआउट कर सदन से बाहर चले गए।