धर्मशाला को नगर निगम बनाए जाने पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। भाजपा विधायक राजीव बिंदल ने कहा है कि वर्तमान सरकार के मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्रों के ही मंत्री बन कर रह गए हैं। केंद्र सरकार नगर निगम के लिए विशेष सहायता देती है, इसके चलते सुधीर शर्मा ने अपने विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला को नगर निगम बनाया है, उन्हें प्रदेश के बाकी शहर नजर नहीं आते।
सुधीर शर्मा ने विशेष बैठक के जरिये धर्मशाला को नगर निगम का दर्जा दिए जाने की घोषणा की है। बिंदल ने कहा कि अगर धर्मशाला को कारपोरेशन बनाया जा सकता है तो सोलन, मंडी, हमीरपुर, नाहन और ऊना को कारपोरेशन क्यों नहीं बनाया जा सकता। सोलन की जनसंख्या सर्वाधिक है, नाहन हिमाचल प्रदेश की सबसे पुरानी और देश की दूसरी नगर पालिका है।
आरोप लगाया कि ढाई साल पूर्व सुधीर शर्मा ने नाहन नगर को सीवरेज के 19 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का वायदा किया था। आज तक नाहन को फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। बिंदल ने उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बयान को भी गुमराह करने वाला बताया है। सिरमौर जिले के कालाअंब और पांवटा साहिब के अनेक बड़े-बड़े उद्योग बंद हो गए हैं, शेष बंद होने के कगार पर हैं।
हजारों युवक बेरोजगार हो गए हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास पूरी तरह ठप हो चुका है। उद्योगों का पलायन लगातार जारी है। आईटीआई, पॉलीटेक्निकल डिप्लोमा, बी-टैक, एमबीए, एमसीए और बीसीए करने वाले युवा नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अग्निहोत्री कहते हैं कि प्रदेश में औद्योगिक विकास हो गया है।