विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने विजिलेंस मुख्यालय बुलाए जाने पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को वह राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के शिमला स्थित मुख्यालय पहुंचे।
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने विजिलेंस मुख्यालय बुलाए जाने पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को वह राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के शिमला स्थित मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ कई भाजपा विधायक भी समर्थन देने पहुंचे। विजिलेंस मुख्यालय में सुधीर शर्मा ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वह कानून और जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। उन्होंने एजेंसी को पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। शुक्रवार को भी मांगे गए दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने दावा किया कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। जांच के तथ्य जनता के सामने होंगे। मुख्यमंत्री की टिप्पणियों पर उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले धारणा बनाना उचित नहीं। सुधीर शर्मा ने विधानसभा सत्र के बीच विपक्षी विधायक को जांच के लिए बुलाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे पहली बार होने वाली घटना बताया। उन्होंने जांच प्रक्रिया और प्रोटोकॉल पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब मामला और दस्तावेज धर्मशाला में हैं, तो उन्हें शिमला क्यों बुलाया गया। शर्मा ने दावा किया कि जांच की सूचनाएं आधिकारिक प्रक्रिया से पहले ही मीडिया तक पहुंच रही हैं, जैसे समन 12 अगस्त को मिला पर जानकारी 11 अगस्त को मीडिया में आ गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा को निर्धारित प्रक्रिया के तहत बाद में सूचित किया गया। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार जांच एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।