इस बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर खड़े हुए और कहा - लोग अपना-अपना सेल्फ शो कर रहे हैं। हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है। जो कमी है उसमें सुधार किया जाना है। इसके लिए डॉक्टरों को रोकना जरूरी है। सरकार ने इसके लिए बांड प्रणाली को सरल किया है।
आशा कुमारी के सवाल पर पठानिया ने अनुपूरक प्रश्न में टांडा मेडिकल कॉलेज में कीमोथैरेपी की सुविधा नहीं होने का मामला उठाया। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 10 स्थानों में कीमोथैरेपी हो रही है। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में 30 बिस्तरों की व्यवस्था है, यहां पर रेडियोथैरेपी हो रही है।
उन्होंने कहा कि यहां पर वर्षों से पड़े लीनियर एक्सीलरेटर को लगाने का कार्य शुरू हो चुका है। अप्रैल तक यह सेवाएं शुरू हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंग्स व ब्रेस्ट कैंसर के अधिक मामले आ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि कैंसर अस्पताल के समीप पांच मंजिला टरशरी केयर सेंटर का निर्माण होना है। इसकी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। अब मामला एनजीटी को भेजा गया है।
आईजीएमसी में चल रहे 14 सुपर स्पेशलिटी के लिए चम्याणा में भवन बन रहा है। इसके बनने से आईजीएमसी में काफी स्थान खाली हो जाएगा। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कैंसर रोकने के लिए अधिक से अधिक
डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने और 10 लाख की बांड राशि को कम करने की बात कही। विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, आशा कुमारी और अनिरुद्ध सिंह ने भी कैंसर सुविधाओं से संबंधित प्रश्न किए।