मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण में भाजपा की ओर से जिला परिषद चुनाव में उतारे प्रत्याशियों में से कोई भी जीत का स्वाद नहीं चख पाया। यहां प्रत्याशियों की सूची जारी करना भाजपा के लिए महंगा सौदा साबित हुआ। कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए खुला मैदान छोड़ रखा था। किसी को भी चुनाव लड़ने से नहीं रोका।
चुनाव से पहले साफ कहा गया जो चाहता है लड़ो और अपना दम दिखाकर जीत कर आओ। पार्टी गले लगाकर स्वागत करेगी। यहां कांग्रेस का यह दांव कारगर रहा। भाजपा का जिला परिषद के चुनाव में शिमला ग्रामीण में भाजपा का सुपड़ा साफ हो गया है। भाजपा की ओर से चुनाव मैदान में उतारे गए समर्थित उम्मीदवार कोई करिश्मा नहीं दिखा पाए।
यहां कांग्रेस से जुड़े ही कई प्रत्याशियों के बीच मुकाबला था। कांग्रेस का वोट बैंक इन प्रत्याशियों के बीच बंटा। इसके बावजूद अधिकांश कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहे। कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में मशोबरा ब्लॉक के तहत बल्देहां वार्ड में माकपा समर्थित उम्मीदवार ने कांग्रेस और भाजपा को जोरदार पटकनी दी।
बसंतपुर वार्ड के नतीजों पर नजर दौड़ाए तो यहां कांग्रेस का ही बोल बाला रहा है। यहां 15160 वोट वैध पाए गए। अस्वीकृत मतों की कुल संख्या 188 रही। 28 मतदाताओं ने नोटा पर मुहर लगाई। कांग्रेस से जुडे़ काफी प्रत्याशी चुनावी जंग में कूदे थे।
भाजपा समर्थित प्रत्याशी के अलावा शिमला ग्रामीण भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष भी अपनी किस्मत अजमा रहे थे लेकिन दोनों ही प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। यहां कांग्रेस से जुड़ी धर्मिला ने 3362 मतों से जीत हासिल की। दूसरे नंबर पर रहे मनोहर लाल 2428 भाजपा की ओर से समर्थित उम्मीदवार पारूल 2413 तीसरे नंबर पर रहा।
यहां कांग्रेस से ही देवेंद्र सिंह 1950 वोट लेकर चौथे नंबर पर रहे। कांग्रेस से ही जुड़े प्रदीप कुमार वर्मा को 1706 वोट मिले। इन आंकड़ों से साफ है कि कांग्रेस से जुड़े प्रत्याशियों की सर्वाधिक संख्या होने से पार्टी वोट इनमें बंटा बावजूद इसके सीट कांग्रेस की झोली में आ गई।
बसंतपुर वार्ड से 10 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें तोता राम ठाकुर को 1205, दिवान चंद वर्मा को 950, टेक सिंह को 504 , हुक्म चंद वर्मा को 423 और सबसे कम 219 वोट ओम प्रकाश शर्मा को मिले। बसंतपुर खंड के करयाली वार्ड से गिरधारी लाल शर्मा 2395 वोट लेकर विजेता बने। यहां भाजपा समर्थित रति राम को 1319 वोट मिले। सबसे कम 743 वोट रमेश कुमार को मिले। दूसरे स्थान पर 1763 वोट लेकर देवराज वर्मा रहे।
प्रत्याशी नहीं हासिल कर पाए जीत- जिला शिमला के भाजपा अध्यक्ष संजय सूद ने कहा कि जिला परिषद चुनाव में शिमला ग्रामीण में भाजपा समर्थित उतारे गए प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर पाए हैं। बल्देहां वार्ड में बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत थी यहां कांग्रेस प्रत्याशी हार रही थी लिहाजा उन्होंने वोट माकपा को शिफ्ट कर दिए। इस वजह से वहां माकपा की प्रत्याशी जीत गई और बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।
खाता नहीं खोल पाए भाजपा प्रत्याशी- जिला शिमला ग्रामीण के कांग्रेस अध्यक्ष केहर सिंह खाची ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में जिला परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी खाता तक नहीं खोल पाए। जिला परिषद चुनाव जीत चुके 17 प्रत्याशियों से उनकी बात हो गई हैं यह सभी कांग्रेस समर्थित हैं। कई जीते हुए प्रत्याशियों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनसे संपर्क किया जा रहा है। 80 फीसदी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। शनिवार को पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।