कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र से भाजपा के दिग्गज नेता शांता कुमार के अलावा कोई दूसरा नेता मतदाताओं की दूसरी बार पसंद नहीं बन पाया। इस सीट पर न सिर्फ लगातार दो बार जीत दर्ज का रिकॉर्ड शांता कुमार के नाम पर दर्ज है बल्कि कांग्रेस व भाजपा की नाक का सवाल रही प्रतिष्ठित सीट पर उन्होंने चार बार जीत का परचम लहराया।
वर्ष 1989 के आम चुनाव में भाजपा की टिकट पर पहली बार कांगड़ा सीट पर शांता कुमार ने कमल खिलाया था। चुनाव में उन्हें 46.33 प्रतिशत वोट मिले। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रेश कुमारी को 38.46 प्रतिशत वोट पड़े थे।
1996 के चुनाव में शांता कुमार कांग्रेस प्रत्याशी सत महाजन से हार गए थे। वर्ष 1998 के चुनाव में शांता कुमार ने वापसी करते हुए 52.65 फीसदी वोट लेकर जीत दर्ज की और कांग्रेस के सत महाजन को 43.33 फीसदी वोट मिले थे।
वर्ष 1999 में केंद्र में वाजपेयी सरकार गिरने के बाद 13वीं लोकसभा के आम चुनाव में इसी सीट से शांता कुमार ने सत महाजन को एक लाख से भी ज्यादा मतों से हराया था और वह केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। 2004 के आम चुनाव में शांता कुमार को हार का मुंह देखना पड़ा।