कौल नेगी बोले, 17 पंचायतों के विद्यार्थी उच्च शिक्षा से हो जाएंगे वंचित
भाजपा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस नेताओं को घुसने नहीं देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ननखड़ी कॉलेज के विलय से क्षेत्र की 17 पंचायतों के विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। इससे सबसे अधिक परेशानी गरीब और मध्य वर्ग के विद्यार्थियों को उठानी पड़ेगी।
रामपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे कौल नेगी ने शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो जनता कांग्रेस के नेताओं को ननखड़ी क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने देगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर भाजपा जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर संघर्ष कर रही है। हस्ताक्षर अभियान में दस हजार लोगों ने कॉलेज को बहाल करने का समर्थन किया है।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा नेताओं ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मुलाकात कर मांग की कि प्रदेश सरकार को महाविद्यालय को बहाल करने के निर्देश दिए जाएं। नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि ननखड़ी कॉलेज का संजौली और कोटशेरा कॉलेज में विलय किया गया है। इससे क्षेत्र के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को पढ़ाई के लिए करीब सौ किलोमीटर दूर शिमला आना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि ननखड़ी कॉलेज वर्ष 2014 से संचालित है। वर्तमान में इसमें विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कॉलेज भवन के निर्माण पर 12.80 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद अब सरकार कॉलेज का विलय कर रही है।
इस दौरान जिला परिषद सदस्य रेणु खूंद, बीडीसी सदस्य रीता जोशी, दौलत डोगरा, कृष्णा मेहता सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।