भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. राजीव बिंदल
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भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. राजीव बिंदल ने नगर निगम शिमला के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर के राष्ट्रपति को लिखे पत्र पर आश्चर्य जताया है।
कहा कि यज्ञशाला, यज्ञ का विरोध करना नादानी है, अनभिज्ञता है, ज्ञान का अभाव है। कहा कि हजारों वर्ष पुरानी वैदिक परंपरा, यज्ञ की परंपरा प्राणी मात्र के कल्याण को बनाई गई परंपरा है।
यज्ञ निरंतर करने से मन, बुद्धि और विवेक को शुद्ध करता है। सर्वे भवंतु सुखिन की कामना से शुरू होने वाला यज्ञ सर्वत्र शांति की प्रार्थना से समाप्त होता है। पृथ्वी, जल, तेज, वायु, आकाश अर्थात संपूर्ण प्राकृतिक संतुलन को यज्ञ में आहुतियां डाली जाती हैं।
वसुदेव कुटुंबकम सारा विश्व हमारा परिवार है, की भावना को पुष्ट करने वाले मंत्रों के उच्चारण से समृद्ध यज्ञ विश्व शांति की भावना को मजबूत करता है। कहा कि विश्व शक्ति की कामना करना, प्राकृतिक संतुलन का प्रयास करना, कहीं भी संविधान के खिलाफ नहीं है।