प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में लोगों को जुटाने के लिए भाजपा ने अनूठा तरीका निकाला है। पार्टी शिमला शहर के हर घर जाकर लोगों को परिवर्तन रैली में आने का निमंत्रण पत्र दे रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इससे रैली में भीड़ तो जुटेगी, साथ ही लोगों में भी पार्टी के प्रति अपनापन बढ़ेगा। पार्टी का लक्ष्य है कि शिमला शहर के एक लाख लोगों तक व्यक्तिगत रूप से मिलकर निमंत्रण पत्र को पहुंचाया जाए।
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प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार शिमला आ रहे नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी न सिर्फ भीड़ जुटाने में लगी है, बल्कि इस परिवर्तन रैली के जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क भी करने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में पार्टी 27 अप्रैल की परिवर्तन रैली के लिए लोगों को व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दे रही है।
पार्टी से जुड़े नेता बताते हैं कि अगले दो महीनों में नगर निगम के चुनाव होने हैं। ऐसे में इस अभियान के जरिये पार्टी न सिर्फ लोगों को निमंत्रण देकर अपने पन का एहसास करा रही है। बल्कि निगम चुनावों के लिए जन संपर्क भी होता रहा है। पार्टी प्रवक्ता डॉ. राजीव बिंदल कहते हैं कि जिस तरह शादी व अन्य समारोहों में अपनों को व्यक्तिगत निमंत्रणपत्र देकर बुलाया जाता है।
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उसी तरह प्रधानमंत्री की रैली में भी लोगों को उसी अपनेपन के साथ बुलाया जा रहा है। बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री का शिमला और हिमाचल से पुराना नाता रहा है। ऐसे में उनके आने से शिमला का हर व्यक्ति गौरवान्वित महसूस कर रहा है। कहा कि जो व्यक्ति थोड़ा भी मन में प्रधानमंत्री को सुनने की इच्छा रखता है, वह इस निमंत्रण पत्र के जरिए मिलने वाले अपनेपन के चलते रैली में जरूर पहुंचेगा।
एसपीजी तय करेगा प्रधानमंत्री की रैली का रूट
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए तैनात विशेष सुरक्षा दल (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) शिमला में प्रधानमंत्री की रैली का रूट तय करेगा। रैली के संभावित रूटों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा तैयारियों में जुटा हुआ है लेकिन रूट पर अंतिम फैसला सोमवार को निरीक्षण के बाद एसपीजी के आईजी करेंगे।
सोमवार सुबह साढ़े सात बजे जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर एसपीजी के आईजी रैंक के अफसर प्रशासन के साथ बैठक करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री के संभावित रूटों और सुरक्षा की समीक्षा भी की जाएगी। सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री की रैली के रूट को बेहद गोपनीय रखा गया है। अफसरों तक को रूट की सूचना नहीं है।
पुलिस प्रशासन ने एसपीजी को तीन रूटों के आप्शन दिए हैं। इनमें से एक आप्शन को एसपीजी के आईजी फाइनल करेंगे। उधर पीएम की रैली के लिए शहर में भारी संख्या में वाहनों के पहुंचने के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। सर्कुलर रोड पर ट्रैफिक जाम की संभावनाओं के चलते बाहरी क्षेत्रों से आने वाली गाड़ियों और बसों को शहर में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा।
भाजपा नेताओं ने लिया रैली स्थल का जाजया
शहर के बाहर बाईपास पर ही गाड़ियां पार्क की जाएगी। ऊपरी शिमला से आने वाले वाहनों को ढली-संजौली बाईपास, शोघी की ओर से आने वाले वाहनों को टुटीकंडी बाईपास और निचले हिमाचल से आने वाले वाहनों को बालूगंज-टूटु सड़क किनारे पार्क करने की व्यवस्था की जा सकती है।
एसपीजी के आईजी पहली बैठक सुबह साढ़े सात बजे जुब्ब हट्टी एयरपोर्ट पर लेंगे। उसके बाद रैली स्थल रिज मैदान का एसपीजी प्रशासन के साथ संयुक्त निरीक्षण करेंगे। रिज पर सभी तैयारियों का जायजा लेने के बाद एसपीजी अनाडेल में बैठक कर प्रधानमंत्री का रूट फाइनल करेंगे।
शिमला में आगामी 27 अप्रैल को होने वाली पीएम की रैली के लिए बीजेपी की तैयारियां जोरों पर हैं। नेताओं ने रिज पर पहुंच कर रैली की तैयारियों का जायजा लिया। रैली के प्रभारी और बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. राजीव बिंदल, महामंत्री चंद्रमोहन ठाकुर सहित अन्य नेताओं ने जनसभा स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का खाका तैयार किया।
डॉ. बिंदल ने पार्टी के पदाधिकारियों और एमसी के अफसरों के साथ मिलकर स्टेज से लेकर रिज तक की जाने वाली व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने टका बैंच के पास बने स्टेज को रिपेयर करवाने को कहा। उन्होंने रिज पर सीटिंग प्लान और स्टेज की डेकोरेशन पर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि रैली को लेकर कई कमेटियों का गठन किया गया है और सभी कार्यकर्ता उन्हें सौंपी गई जिम्मेवारियों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं।
मोदी की रैली का खर्च इक्टठा करने के लिए बीजेपी लोगों के घर द्वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रिज पर प्रस्तावित रैली के खर्च को पूरा करने के लिए भाजपा लोगों के घर द्वार पर कूपन लेकर पहुंचने लगी है। भाजपा के कार्यकर्ता घर घर जाकर निमंत्रण पत्र दे रहे हैं और साथ ही लोगों को दस , पचास और सौ रूपये के कूपन भी कटवाएं जा रहे हैं। कार्यकर्ता लोगों से कह रहे हैं कि वह अपनी इच्छा के अनुरूप कोई भी कूपन लेकर नरेंद्र मोदी की रैली में सहभागी बने। हालांकि इसमें किसी तरह की कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जा रही है।
जिसकी इच्छा है वह कपून कटवा रहा है जिसका मन नहीं है वहां कार्यकर्ता निमंत्रण पत्र देकर अगले दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं लेकिन ऐसे बहुत कम लोग हैं जो कपून नहीं ले रहे हैं। आम जनता भी किसी तरह की कोई नाराजगी मोल लेना नहीं चाहती। जिस अंदाज से कपून कट रहे हैं उससे साफ है कि प्रधानमंत्री की रैली के नाम पर बीजेपी अच्छा खासा पैसा आम जनता से एकत्रित कर लेगी।
पार्टी ने यह तो स्पष्ट नहीं किया है कि उन्होंने कितनी रसीद बुकें छपवाई हैं लेकिन इतना जरूर कहा कि तीन तरह के कूपन बनाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि यह पैसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में खर्च किया जाएगा। बीजेपी के इस कूपन सिस्टम पर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं।
उधर, बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि बीजेपी का उदेश्य पैसा इक्ट्ठा करना नहीं है। जनता की ज्यादा से ज्यादा सहभागिता भाजपा के साथ हो इसको लेकर एक नोट कमल पर वोट कार्यक्रम चला रखा है। इसमें पूरी तरह से पारदर्शिता बरती गई है। चंदे से मिलने वाली राशि का आडिट होता है। कार्यकर्ता आम जनता को कूपन दे रहे हैं जिन्हें लेने हैं वह ले रहे हैं किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं की जा रही। कांग्रेस को अपनी जमीन खिसकती हुई दिख रही है लिहाजा अब अनाप शनाप बयानबाजी पर उतर आई है।
मोदी की रैली पर चंदा इकट्ठा कर ढोंग कर रही भाजपा: कांग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिमला रैली को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव और बिलासपुर जिले से वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर, सीपीएस एवं हमीरपुर जिले के बड़सर से विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, पार्टी के महासचिव एवं शिमला के पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी, सीपीएस एवं रामपुर से विधायक नंदलाल, सीपीएस एवं घुमारवीं से विधायक राजेश धर्माणी और बिलासपुर से कांग्रेस विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि भाजपा कार्यकर्ता पीएम की शिमला रैली के नाम पर घर-घर जाकर चंदा एकत्रित कर लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।
पार्टी के पास करोड़ों रुपये का फंड होने के बावजूद चंदा इकट्ठा कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर ये भी बताना चाहिए कि नोटबंदी से ठीक पहले शिमला, मंडी, बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर और अन्य जिलों भाजपा ने पार्टी कार्यालयों के लिए जो जमीनें खरीदीं, उनके लिए बीस करोड़ रुपये कहां से आए।
हमीरपुर और शिमला में तो पहले से भाजपा के पार्टी कार्यालय हैं। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि भूमि खरीदने के लिए बीस करोड़ रुपये काले धन का प्रयोग किया गया। भाजपा इसका जवाब दिए बिना बच नहीं सकती। इसके पीछे भाजपा का मकसद शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर भी घर-घर तक पहुंचना है।
साढ़े चार साल से अधिक का समय बीतने पर शिमला भाजपा को क्षेत्र की जनता की याद आई है। चुनाव मैदान में उतरने से पहले भाजपा अब पीएम मोदी के नाम का सहारा ले रही है। गली-गली जाकर सफाई अभियान के नाम पर फोटो सेशन किया जा रहा है, जबकि आज तक भाजपा कार्यकर्ताओं और पार्टी के निगम पार्षदों को शिमला के वार्डों की याद नहीं आई। इससे भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हुआ है।