वन्य प्राणी विभाग ने पौंग झील क्षेत्र में मृतक प्रवासी पक्षियों के सुरक्षित ढंग से निपटान के लिए स्वास्थ्य विभाग से और पीपीई किट्स मांगी हैं। विभाग ने अगले पांच दिन के लिए रोजाना 285 पीपीई किट्स की मांग की है। वन्य प्राणी विभाग को अभी तक रोजाना 150 पीपीई किट्स ही मिल पा रही हैं। इस कारण प्रवासी पक्षियों के सुरक्षित निपटान के अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
वहीं, पौंग बांध क्षेत्र में सक्रिय कर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सप्लाई की जाने वाली टैमी फ्लू दवाई का भी इंतजार किया जा रहा है। टैमी फ्लू दवाई ऐसे लोगों को दी जाती है, जिन्हें संक्रमण के पहले लक्षणों के 48 घंटों के भीतर जटिलताएं होने या जटिलताओं का उच्च जोखिम होता है।
वन मंडलाधिकारी हमीरपुर राहुल एम रहाणे ने बताया कि पौंग झील क्षेत्र में मृतक पक्षियों के वैज्ञानिक ढंग से निपटान को लेकर विभाग की दस टीमें लगातार सक्रिय हैं। बुधवार को भी 292 मृतक पक्षियों के अवशेष निपटाए गए हैं।