पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व में दूसरे स्थान पर आने वाली बिलिंग घाटी में सात समंदर पार से पायलटों ने दस्तक दे दी है। घाटी में तीन दर्जन विदेशी पायलट पहुंचे हैं और एक सप्ताह में विदेशी मेहमानों का आंकड़ा 100 के पार पहुंचने की उम्मीद है।
अब तक ब्रिटिश, रूसी और फ्रांस के करीब तीन दर्जन पायलट बीड़ पहुंचे हैं। मौसम के अनुकूल होने पर विदेशी पायलटों ने घाटी में उड़ानों का आनंद लिया। विदेशी मेहमानों के आने से बीड़ व चौगान में रौनक लोटने लगी हैं और दिवाली तक घाटी पर्यटकों से पैक होने की आस है।
रौनक बढ़ने से पर्यटन से जुड़े कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। बीड़ में वर्तमान में 200 से अधिक छोटे-बड़े पर्यटक वाहन और पांच दर्जन से अधिक होटल, होम स्टे व गेस्ट हाउस हैं। इसके अतिरिक्त बाहरी प्रदेशों से आने वाले वाहनों की संख्या अलग है।
अक्तूबर और नवंबर माह में लंबी दूरी की उड़ानों के लिए मौसम सबसे अनुकूल रहता है और दुनिया की अधिकांश पैराग्लाइडिंग साइटें इन दो माह में पैराग्लाइडिंग के लिए बंद रहती हैं।
बीड़ और चौगान के सुरेश कुमार, जगदीश, तिलक, उतम आदि का कहना है कि चौगान चौक से लेकर क्योर स्थित लैंडिंग साइट तक के मार्ग पर दोनों तरफ वाहन पार्क रहते हैं।
इसके चलते पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और तीन से चार किलोमीटर के सफर के लिए एक घंटे तक का समय लग जाता है। उन्होंने पुलिस व प्रशासन से इस पर कार्रवाई करने की आग्रह किया है। एसडीएम छवि नांटा ने बताया कि समस्या से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया जाएगा।