कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन सड़क की निर्माणाधीन टनल धंसने के बाद जर्जर हुई पहाड़ी को मजबूत करने के लिए इसे भेदा जा रहा है। पहाड़ से टनल तक जगह-जगह लगभग 80 होल डाले जाएंगे। इसके बाद ही टनल में फंसे तीसरे मजदूर हिरदा राम की तलाश हो सकेगी। अब तक अनसेफ मानी जा रही टनल के अंदर रेस्क्यू ऑपरेशन छेड़ने के लिए इंजीनियरों ने यह तरकीब निकाली है।
कार्य शुरू कर दिया गया है। रविवार तक टनल के ऊपर लगभग पांच होल डाले जा चुके हैं। 12 सितंबर को मल्यावर पंचायत के समीप टीहरा टनल हादसे में तीन मजदूर टनल में फंस गए थे। टनल धंसने से फंसे दो मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है लेकिन तीसरे मजदूर हिरदा राम का अभी तक सुराग नहीं मिल पाया है।
लग सकता 15 दिन का वक्त
टनल में फंसे मजदूरों से संपर्क करने के लिए प्रशासन ने छह इंच चौड़ा होल पहाड़ी से टनल तक डाला था। इसकी लंबाई लगभग 49 मीटर बताई गई। अब इसी तरह के लगभग 80 होल टनल तक डाले जाने हैं। इन होल के माध्यम से कंकरीट टनल तक डाली जाएगी ताकि धंसे हुए क्षेत्र को मजबूत किया जा सके। बताया जा रहा है कि प्रत्येक होल की लंबाई 30 से 35 मीटर तक होगी। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने में अभी 15-20 दिन का और वक्त लगेगा।
उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि टनल को स्ट्रैंथन करने का कार्य जारी है। इसमें 15 दिन का और वक्त लग सकता है। तमाम कार्य सरकार और प्रशासन की निगरानी में कंपनी द्वारा किया जा रहा है। टनल के अंदर रेस्क्यू छेड़ने से पहले टनल और पहाड़ी को मजबूत करना जरूरी है। विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही तमाम कार्य किया जा रहा है।
टीहरा टनल हादसे की छानबीन तेज, हर पहलू से होगी जांच
शिमला। टीहरा टनल हादसे की छानबीन तेज कर दी गई है। इसकी हर पहलू से जांच होगी। इसके लिए भू-वैज्ञानिक, आपदा प्रबंधन और अन्य तमाम पहलुओं को खंगाला जाएगा। यह भी छानबीन होगी कि क्या सुरंग का निर्माण कर रही कंपनी की भी इसमें कोई लापरवाही थी या नहीं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व तरुण श्रीधर ने कहा कि तमाम पहलुओं को खंगाला जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडी के मंडलायुक्त को आदेश जारी किए गए हैं कि वे पंद्रह दिन के भीतर इस मामले की रिपोर्ट दें। रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई होगी।