बिलासपुर के प्रत्यूष शर्मा ने पास की जेआरएफ की
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संगीत क्षेत्र में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार अपने नाम करने वाले बिलासपुर के प्रत्यूष शर्मा ने प्रथम प्रयास में ही जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। इस परीक्षा में कुल 4200 परीक्षार्थियों ने भाग लिया था, जिसमें सामान्य श्रेणी में मात्र नाै विद्यार्थियों का जेआरएफ में चयन किया गया है। इसमें प्रत्यूष शर्मा 300 में से 236 अंक लेकर प्रथम रहे हैं। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करके 21 वर्षीय प्रत्यूष शर्मा ने दिल्ली विश्वविद्यालय और हिमाचल का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि इतनी कम उम्र में पहले प्रयास में यह परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पहले छात्र हैं। प्रत्यूष शर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय में कला स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर के छात्र हैं। इस फेलोशिप के तहत पीएचडी के दौरान पांच वर्ष तक मासिक रूप से प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान होता है। साथ ही इस टेस्ट के उत्तीर्ण करने पर महाविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए
योग्यता प्रमाणपत्र दिया जाता है। प्रत्यूष शर्मा ने प्रो. अनन्य कुमार डे, प्रो. ओजस प्रताप सिंह, डॉ. राजपाल सिंह, आलीश मोहन, डॉ. आशिक कुमार और डॉ. विनीत गोस्वामी के सानिध्य में यह उपलब्धि हासिल की है। उनके गुरुओं ने प्रत्यूष को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद दिया। प्रत्यूष शर्मा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। प्रत्यूष शर्मा बिलासपुर के लखनपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता अनूप शर्मा ने करीब 23 वर्षों संगीत प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दीं और हाल ही में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खुन्नी शिमला से बतौर प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि माता ऋचा शर्मा गृहिणी हैं। प्रत्यूष शर्मा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी संगीत की पढ़ाई के दौरान कई पुरस्कार और सम्मान हासिल किए हैं। वर्ष 2022 में राज्य स्तरीय युवा उत्सव में शास्त्रीय हारमोनियम वादन में प्रथम पुरस्कार जीता था। इसके अलावा अंडर-19 स्कूली राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में संगीत गायन में लगातार सात तक विजेता रहे हैं।