मामले में सदर थाना में मामला दर्ज कर तुरंत विशेष जांच दल गठित कर दिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपनी पहली कार बैरी-दड़ोला क्षेत्र में छोड़ दी। इसके बाद पुलिस को भ्रमित करने और अपनी लोकेशन छिपाने के लिए लगातार वाहन बदलने शुरू कर दिए। 24 घंटे के भीतर आरोपियों ने कुल आठ अलग-अलग गाड़ियों का इस्तेमाल किया। यह भी सामने आया कि वारदात के बाद मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी, कुलभूषण ठाकुर उर्फ लक्की और सूर्या चंदेल पहले बरठीं क्षेत्र के जंगलों में कई घंटे तक छिपे रहे। वहां से मौका मिलते ही तीनों कुल्लू की ओर निकल गए। पुलिस की नजर से बचने के लिए उन्होंने लगातार रूट बदले और लिंक रोड का इस्तेमाल करते हुए बंजार पहुंच गए। आखिरकार पुलिस ने बंजार के जंगल में घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वीरवार को अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा धीरज धर्माणी की भूमिका सामने आने पर उसे भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी निवासी नसवाल, कुलभूषण ठाकुर उर्फ लक्की निवासी तरेड़ और सूर्या चंदेल निवासी बैरी दड़ोला को बंजार के जंगल से गिरफ्तार किया। इसके अलावा करंगोड़ा से धीरज धर्माणी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि बरठीं से अनिल कुमार को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।
बिलासपुर पुलिस ने अपनी विभिन्न टीमों के समन्वित प्रयास, तकनीकी जांच, डिजिटल विश्लेषण और खुफिया नेटवर्क की मदद से मात्र 28 घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा कर मुख्य आरोपियों सहित षड्यंत्र में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक धीमान,एसपी बिलासपुर