नियुक्ति के बाद मरडी विवादों में घिरते चले गए। पहले जेल में गुड़िया हत्याकांड से जुड़े सूरज हत्याकांड के आरोपी डीडब्ल्यू नेगी से मुलाकात और इसके बाद प्रमोटी बनाम डायरेक्ट आईपीएस, लिटिगेशन फंड जैसे मामलों को लेकर भी वह विवादों में घिर गए। इस बीच, प्रदेश की कानून व्यवस्था भी बद से बदतर होने लगी।
कसौली कांड के बाद हुई मंत्रिमंडल बैठक में हुए विवाद के बाद मरडी की कुर्सी जाना तय माना जा रहा था। हालांकि, किन्हीं कारणों से मामला टल गया। सूत्रों के अनुसार सरकार के खास माने जाने वाले कुंडू को डीजीपी बनाने की तैयारी थी, लेकिन केंद्र से उनके रिलीव न होने के चलते मामला कुछ दिन टल गया। अब कुंडू के केंद्र से रिलीव होने के बाद फिर से पुलिस मुखिया पद पर बदलाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।